धीरज शर्मा की रिपोर्ट
विश्व कैंसर दिवस के उपलक्ष्य में होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र मुज्जफरपुर के तरफ से कैंसर स्क्रीनिंग और जागरूकता अभियान बिहार के 14 जिलों में शुरुआत की गई है। यह टाटा स्मारक केंद्र, मुंबई की इकाई है जो ऊर्जा परमाणु विभाग द्वारा अनुदित है।
पहली बार जनसंख्या आधारित कैंसर रजिस्ट्री की शुरुआत की उसमें हमें यह ज्ञात हुआ कि मुँह का कैंसर सर्वाधिक है। इसके बाद महिलाओं में गर्भाशय के मुख का कैंसर और स्तन कैंसर ज्यादा पाए जाते है।होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र मुज्जफरपुर के द्वारा 14 जिलों में जाकर काम कर रहे है जिससे मुंह का कैंसर, सर्वाइकल कैंसर और स्तन कैंसर को हद तक रोक सकते है। बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के मुताबिक बिहार के 14 जिलों के सदर अस्पताल, पीचसी, गांव गांव जाकर डॉ स्क्रीनिंग और जागरूकता अभियान चला रहे है। जिसके तहत अभीतक 2187 से ज्यादा कैंप हुए है, वहीं 153512 (1.50 लाख) लोगों की जांच की गई। जिसमें 262 कैंसर के मरीज मिले जिनका इलाज हो रहा है। इसमें से अभीतक 46 लोगों की सर्जरी होमी भाभा कैंसर संस्थान एवं अनुसंधान केंद्र, मुज्जफ्फरपुर में हो चुकी है। जबकि 34 मरीज अन्यत्र जगह अपना इलाज करा चुके हैं, 8 मरीज का देहांत हो चुका है। जबकि 43 मरीज की कीमोथेरेपी चल रही है। वहीं 1074 कैंसर के संदिग्ध मरीज मिले है जिनकी जांच की जा रही है।
इसके साथ ही बिहार सरकार के आशा और एएनएम के साथ 427 ट्रैनिंग हुई जिसमें 9267 स्वास्थ्यकर्मी को प्रशिक्षित किया गया है। आगामी वर्षों में इस कार्यक्रम को बिहार के सभी 38 जिलों में चलाया जाएगा।
अभी एसकेएमसीएच संस्थान अल्ट्रा साउंड गाइडेड बायोप्सी जैसी सुविधा कैंसर मरीज को दे रही है, आगे बिहार के बाकी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में यह व्यवस्था किया जाएगा। भारत में प्रतिवर्ष 156000 महिलाएं स्तन कैंसर से पीड़ित होती है और उसमें 76,000 की मृत्यु हर साल हो जाती है। वहीं गर्भाशय के मुख का कैंसर से भारत में प्रतिवर्ष 132000 पीड़ित होते है जिसमें 63000 की मौत हो जाती है। जबकि तम्बाकू सेवन के कारण भारत में 250000 पीड़ित होते है और प्रति दिन 2200 लोगों की मृत्यु तम्बाकू सेवन से होने वाली बीमारियों के कारण होती है। इसमें से ज्यादातर संख्या बिहार की होती है। इसीलिए बिहार में शुरुआती लक्षण की जांच और जागरूकता की ज्यादा जरूरत है।
होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल एवं अनुसंधान केंद्र मुजफ्फरपुर के प्रभारी डॉ रविकांत सिंह के अनुसार कैंसर से राहत @75 का मतलब है कि भारतवर्ष का 75 वां स्वतंत्रता दिवस है उसके लिए प्रण लिया है कि हमारे जहां जहां अस्पताल हैं वहां पर समुदाय के साथ काम करेंगे “कैंसर से आज़ादी के लिए, कैंसर से राहत के लिए”। राहत और आज़ादी की जो शुरुआत है उसी का शुभारंभ है।
हम सभी बिहार के कुल 14 जिलों में बिहार सरकार, REC फाउंडेशन, नेशनल हेल्थ मिशन और परमाणु ऊर्जा विभाग के साथ कैंसर स्क्रीनिंग और जागरूकता अभियान चलाई जा रही है जिससे कैंसर को समय पर पहचान करके इससे होने वाली मृत्यु को कम किया जा सकता है। इस प्रोग्राम में 3 तरह के कैंसर की स्क्रीनिंग की जाएगी जो मुख का कैंसर, स्तन कैंसर और गर्भाशय के मुख का कैंसर है। अगर हमसभी इन तीनों कैंसर का इलाज समय से शुरू हो जाये तो 70 % कैंसर को बिहार से कम कर पाएंगे। अभी यह स्क्रीनिंग प्रोग्राम 14 जिलों में शुरू हो चुकी है यह जिला है मुज्जफरपुर, नालंदा, सिवान, भोजपुर, वैशाली, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, भागलपुर, समस्तीपुर, बेगूसराय, पटना, गया, और औरंगाबाद है।
इस कार्यक्रम में सामुदायिक स्तर पर कैंसर को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है जिससे कैंसर को लेकर लोगों में कई तरह की भ्रांतिया कम हुई है। डा॰ प्रशांत राहुल और डा॰ स्नेहिल स्नेहा के नेतृत्व में उनकी टीम ने अभी तक भागलपुर जिले में 12900 लोगों की जांच की, जिसमे 1217 संदिग्ध मिले। 13 लोगो की कैंसर की पुष्टि भी हुई। वही इस प्रोग्राम में डॉक्टर अनुपमा सिन्हा, डॉ अर्चना झा, डॉक्टर रोमा यादव, डॉ प्रशांत, डॉक्टर सीमा, सिस्टर इंचार्ज सुको कुमारी हेल्थ मैनेजर मधुकर जायसवाल के अलावे अस्पताल के अन्य कर्मी मौजूद थे




