धीरज शर्मा की रिपोर्ट
बिना बाढ़ के खेत लगी फसल के डूबने की घटना सामने आ रही है। मामला भागलपुर ज़िले के कहलगाँव प्रखंड के प्रशस्तडीह पंचायत एवं कोदवार पंचायत का है। जहाँ हजारों एकड़ खेतों में लगी रबी फसल गेहूं, चना, मसूर सहित अन्य फसल चौथी बार बुनाई के बाद पानी में डूब जाने से फसल बर्बाद हो चूँकि है। इलाके के किसान परेशान हैं। काफी खर्च के बाद किसानों ने रबी फसल की बुआई की है। क्षेत्र के अमदाढ़, महेशपुर, कुरपट, परघड़ी, बैजलपुर सहित अन्य क्षेत्र के बहियार में किसानों की लगे फसल ईंट-भट्ठा संचालकों द्वारा लैलख, घोघा कतरिया नदी में बांध दे देने के कारण जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। उस कारण इन क्षेत्रों में लगी रबी फसल पानी में डूब गया है।
क्षेत्र के किसानों ने बताया कि चार माह पूर्व गंगा की बाढ़ के कारण खेतों में पानी आ जाने के कारण रबी फसल की बुआई समय पर नहीं हुई। पानी हटने के बाद दो माह विलंब से कर्ज लेकर रबी फसल की बुआई की गयी है। खेतों में रबी फसल बहुत अच्छी है लेकिन कतरिया नदी में पानी रहने के कारण शंकरपुर से लेकर घोघा तक ईंट-भट्ठा संचालकों के द्वारा नदी के प्रवाह को अवरुद्ध कर ईंट के टुकड़ों से भर कर नदी के रास्ते को बंद किया जा रहा है और रास्ता बनाने के लिए ईट मिट्टी से बांध दे दिया जाता है। जिसके कारण जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है और हमलोगों के खेतों में पानी फैल जाता। जिससे फसल को नुकसान पहुंच रहा है।वही मंगलवार को कहलगांव विधायक पवन यादव अंचल अधिकारी, मुखिया, सरपंच, उप मुखिया समेत किसानों के साथ पानी में डूबे खेतों का जायजा लिया और हर संभव किसानों किसानों को इस समस्या से निजात दिलाने का आश्वासन दिया और कहा कि किसानों को कितनी क्षति हुई है इसका आकलन करवा कर जल्द से जल्द सरकार से क्षतिपूर्ति का मुआवजा दिलाने का प्रयास करूंगा। वही खेतों में लगे फसल की बर्बादी का जायजा लेने के क्रम में कहलगांव विधायक पवन यादव के साथ अंचल अधिकारी रामावतार यादव, अतुल कुमार पांडे, सरपंच तरुण कुमार पांडे,उपमुखिया राकेश कुमार सिंह, के अलावे प्रणव पांडे, अभय पांडे, आशुतोष कुमार,रामजी रॉय,अमर कुमार, दिलीप सिंह, प्रेम मिश्रा समेत सैकड़ों की संख्या में किसान मौजूद थे।




