आरा/आशुतोष पाण्डेय
गवाही नहीं देने के लिए मिल रही थी धमकी, लोकल ट्रेन से घर लौटने के दौरान वारदात को दिया गया अंजाम; सदर अस्पताल में चल रहा इलाज
एंकर : भोजपुर जिले के बिहियां थाना क्षेत्र के कौड़िया गांव से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक पुराने विवाद से जुड़े केस में गवाह बने उपेंद्र महतो को कथित तौर पर जान से मारने की नीयत से ट्रेन से धक्का दे दिया गया। इस दर्दनाक घटना में उपेंद्र महतो ट्रेन से नीचे गिर गए और उनका एक पैर कट गया। गंभीर रूप से जख्मी उपेंद्र महतो का आरा सदर अस्पताल में इलाज चल रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार, बीते वर्ष कौड़िया गांव में दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था। इसी मामले में उपेंद्र महतो गवाह हैं। बताया जा रहा है कि केस में गवाही देने के लिए वह आरा आए थे। आरोप है कि विपक्षी पक्ष के नामजद लोग उन पर गवाही नहीं देने का दबाव बना रहे थे। उन्हें कथित तौर पर धमकी दी जा रही थी कि अगर उन्होंने गवाही दी तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
बताया जाता है कि गवाही से जुड़े काम के सिलसिले में आरा आए उपेंद्र महतो लोकल ट्रेन से बिहियां लौट रहे थे। इसी दौरान आरोप है कि ट्रेन में मौजूद विपक्षी पक्ष के लोगों ने मौका पाकर उन्हें जान से मारने की नीयत से धक्का दे दिया। ट्रेन से गिरने के कारण उनका एक पैर कट गया। हालांकि, इस घटना में उनकी जान बच गई।
घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बताया जा रहा है। वहीं, इस वारदात ने एक बार फिर गवाहों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में आरोपितों के खिलाफ क्या कार्रवाई करती है और पीड़ित गवाह को सुरक्षा कब मिलती है।




