रिपोर्ट- धर्मेंद्र कुमार!
अरेराज में नेपाल से छोड़े गए पानी ने मचाई तबाही, घरों में घुसा पानी; तटबंध और छतों पर शरण लेने को मजबूर ग्रामीण
मोतिहारी। नेपाल में हो रही लगातार भारी बारिश के बाद नेपाल की ओर से छोड़े जा रहे पानी का असर अब पूर्वी चंपारण जिले में भयावह रूप लेने लगा है। अरेराज प्रखंड क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। कई गांवों में बाढ़ का पानी तेजी से घरों में घुस गया है, जिससे लोगों के सामने सुरक्षित स्थान पर जाने का संकट खड़ा हो गया है।
बताया जा रहा है कि मंगलवार की सुबह चंपारण तटबंध के समीप मनरेगा योजना के तहत निर्मित रिंग बांध पानी के तेज दबाव के कारण टूट गया। रिंग बांध टूटते ही पानी का तेज बहाव आसपास के गांवों की ओर फैल गया और देखते ही देखते दो दर्जन से अधिक गांव बाढ़ के पानी से घिर गए।
स्थिति यह है कि कई घरों में कमर तक पानी पहुंच गया है। बाढ़ से घिरे ग्रामीण अपने परिवार और जरूरी सामान के साथ चंपारण तटबंध पर शरण लेने को मजबूर हैं। वहीं कई लोग अपने घरों की छतों पर बैठकर पानी उतरने का इंतजार कर रहे हैं। बाढ़ के कारण गांवों का संपर्क भी प्रभावित हो गया है और लोगों को एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
अचानक आई बाढ़ से ग्रामीणों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। घरों में पानी घुसने से भोजन, पीने के पानी और मवेशियों को सुरक्षित रखने की समस्या भी सामने आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि रिंग बांध टूटने के बाद पानी तेजी से गांवों की ओर आया, जिससे लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
नेपाल में लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच रिंग बांध के टूटने से प्रशासन के सामने भी राहत और बचाव की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में नावों के माध्यम से लोगों की आवाजाही कराई जा रही है। ग्रामीण प्रशासन से तत्काल राहत, सुरक्षित स्थान, भोजन और पेयजल की व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल अरेराज क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है और पानी के बढ़ते दबाव को देखते हुए आने वाले समय में हालात और बिगड़ने की आशंका बनी हुई है।




