बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2026 की तैयारी के लिए उद्योग विभाग और IIM बोधगया के बीच एमओयू!

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:- रवि शंकर अमित!

उद्योग विभाग, बिहार सरकार

बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2026 की तैयारी के लिए उद्योग विभाग और IIM बोधगया के बीच एमओयू

शोध, बहु-क्षेत्रीय दृष्टिकोण और संस्थागत विशेषज्ञता के आधार पर तैयार होगी नई औद्योगिक निवेश नीति

पटना, 25 सितंबर 2026: बिहार में निवेश को प्रोत्साहित करने, औद्योगिक विकास को गति देने तथा राज्य के लिए एक सुदृढ़ और भविष्य उन्मुख औद्योगिक नीति तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत उद्योग विभाग, बिहार सरकार और IIM बोधगया के बीच बिहार इंडस्ट्रीज इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी (BIIPP) 2026 की तैयारी के लिए MoU पर हस्ताक्षर एवं आदान-प्रदान किया गया।

यह पहल माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व तथा माननीय उद्योग मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह के मार्गदर्शन में राज्य के औद्योगिक विकास को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से की जा रही है। MoU पर हस्ताक्षर एवं इसका आदान-प्रदान श्री मुकुल कुमार गुप्ता, निदेशक, उद्योग, तथा डॉ. विनिता सिंह सहाय, निदेशक, IIM बोधगया, के बीच हुआ।

समझौते के तहत IIM बोधगया Knowledge & Research Partner के रूप में कार्य करेगा। संस्थान BIIPP 2026 के लिए नीति अनुसंधान, बेंचमार्किंग, हितधारक परामर्श, आर्थिक विश्लेषण तथा ड्राफ्टिंग संबंधी सहयोग प्रदान करेगा।

BIIPP 2026 का निर्माण उद्योग विभाग के समग्र नेतृत्व एवं संस्थागत पर्यवेक्षण में किया जाएगा। विभाग द्वारा नीति की प्राथमिकताएं, राजकोषीय मानदंड, परामर्श का ढांचा तथा अपेक्षित परिणाम निर्धारित किए जाएंगे। IIM बोधगया द्वारा प्रस्तुत अनुशंसाएं परामर्शात्मक होंगी तथा उनका अंतिम निर्णय एवं अनुमोदन उद्योग विभाग द्वारा किया जाएगा।

इस अवसर पर उद्योग विभाग के सचिव श्री कुंदन कुमार ने कहा कि IIM बोधगया के बहुविषयक पाठ्यक्रम, शोध क्षमताएं और मजबूत अकादमिक वातावरण BIIPP 2026 के निर्माण में इसे एक महत्वपूर्ण साझेदार बनाते हैं।

श्री कुंदन कुमार ने कहा कि नीति निर्माण में बहु-क्षेत्रीय दृष्टिकोण अपनाया जाएगा, जिसमें बिहार की जमीनी वास्तविकताओं और राज्य की संभावनाओं को केंद्र में रखा जाएगा। उन्होंने BIIPP 2026 को “सभी क्षेत्रों के लिए मदर पॉलिसी” बताते हुए कहा कि यह भविष्य में विभिन्न क्षेत्रों के लिए नीति हस्तक्षेपों की आधारभूमि तैयार करेगी तथा बिहार के औद्योगिक विकास को गति देने में योगदान देगी। उन्होंने कहा कि IIM बोधगया के साथ यह सहयोग शोध, संस्थागत विशेषज्ञता और नीति निर्माण को एक साथ लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण शुरुआत है। यह साझेदारी राज्य के भविष्य के विकास के लिए एक मजबूत आधार तैयार करने में सहायक होगी।

इस अवसर पर डॉ. विनिता सिंह सहाय, निदेशक, IIM बोधगया, ने बिहार की विशाल संभावनाओं, जनसांख्यिकीय क्षमता और जैव-विविधता को रेखांकित किया। उन्होंने राज्य में उभर रहे अवसरों के साथ युवा प्रतिभाओं को जोड़ने के महत्व पर भी जोर दिया।

एमओयू आदान-प्रदान के अवसर पर डॉ. बिद्या नंद सिंह, निदेशक, हैंडलूम एवं सेरिकल्चर; श्री अमन समीर, निदेशक, MSME; श्री खंडेकर श्रीकांत कुंडलिक, संयुक्त सचिव; बिहार राज्य उद्यमी एवं व्यवसायी आयोग के प्रतिनिधि एवं अन्य हितधारक संगठनों के प्रतिनिधि, सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

यह सहयोग शोध-आधारित, साक्ष्य-आधारित और निवेशक-अनुकूल औद्योगिक नीति के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य बिहार के औद्योगिक इकोसिस्टम को सुदृढ़ करना तथा राज्य में निवेश, उद्यमिता और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा देना है।

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