रिपोर्ट – अमित कुमार!
बिहार की डबल इंजन सरकार भ्रष्टाचार मुक्त बिहार का झूठा दावा कर रही है, जबकि सच्चाई यह है कि भ्रष्टाचारियों को खुला सरकारी संरक्षण मिल रहा है।
पूरा बिहार देख रहा है कि कैसे पुल-पुलिया धड़ाधड़ गिर रहे हैं, सड़कें बनते ही टूट रही हैं, शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है, लेकिन इसके जिम्मेदार भ्रष्ट अधिकारियों और ठेकेदारों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
सीएजी की रिपोर्ट में 72 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि का कोई हिसाब-किताब नहीं है। इतना बड़ा घोटाला हुआ है, लेकिन मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री इस पर चुप हैं। यह पैसा कहाँ गया, इसका जवाब सरकार को देना चाहिए।
जब निगरानी विभाग किसी बड़े अधिकारी के यहाँ छापा मारता है तो वहाँ से करोड़ों रुपये नकद, किलो के हिसाब से सोना-चांदी बरामद होता है, नोट गिनने के लिए मशीन मंगवानी पड़ती है। यह इस बात का सबूत है कि बिहार में भ्रष्टाचार अपनी जड़ें कितनी गहरी जमा चुका है।
आज स्थिति यह है कि बिहार में भ्रष्टाचार ही सदाचार बन गया है। सरकार केवल जुमलेबाजी कर रही है। राष्ट्रीय जनता दल इस जनविरोधी और भ्रष्ट सरकार के खिलाफ सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ेगा।




