रिपोर्ट – धर्मेंद्र कुमार!
मोतिहारी -जिले में पुलिस की कार्यशैली को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के मजुरहा गांव में सादे लिबास में पहुंचे दो पुलिसकर्मियों को ग्रामीणों ने कथित तौर पर वसूली करते पकड़ लिया। ग्रामीणों ने दोनों को नकली पुलिस समझकर उनकी जमकर पिटाई कर दी। बाद में जब मामला सामने आया तो पता चला कि दोनों पुलिस विभाग से जुड़े बताए जा रहे हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। ग्रामीणों का आरोप है कि सादे लिबास में पुलिस के नाम पर ग्रामीण इलाकों में वसूली की जा रही थी। आक्रोशित लोगों ने दोनों युवकों के साथ मारपीट शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ती देख डायल-112 की टीम को बुलाया गया, जिसके बाद किसी तरह दोनों को भीड़ से सुरक्षित निकाला गया।
बताया जा रहा है कि पकड़े गए लोगों में रोहित कुमार नाम का एक पुलिसकर्मी भी शामिल है। मामले को लेकर स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्यशैली पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। मजुरहा के वार्ड पार्षद पति राकेश सिंह समेत कई ग्रामीणों का आरोप है कि सादे लिबास में पुलिस की गाड़ी का इस्तेमाल कर लोगों से कथित तौर पर वसूली की जाती रही है। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की गहन जांच की मांग की है।
मामले में सदर एसडीपीओ दिलीप कुमार ने कार्रवाई की बात कही है। उनके अनुसार, दोनों के खिलाफ रघुनाथपुर थाने में वसूली से संबंधित मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें जेल भेजने की बात कही गई है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब असली पुलिसकर्मी ही सादे लिबास में कथित वसूली के आरोप में ग्रामीणों के हाथ लग जाएं और ग्रामीण उन्हें नकली पुलिस समझकर पीट दें, तो आखिर पुलिस की कार्यशैली और भरोसे की स्थिति कहां पहुंच गई है?
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि यदि पुलिस की आड़ में कोई व्यक्ति लंबे समय से लोगों से वसूली कर रहा था, तो उसकी भी जांच होनी चाहिए। आखिर पुलिस की गाड़ी, पुलिस का नाम और सादे लिबास में वसूली—इस पूरे खेल के पीछे कौन है? अब जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार,ईधर मामले की सूचना मिलते ही एसपी हुये सख्त, दोनो पुलिस जवानों को किया सस्पेंड!



