रिपोर्ट :- संतोष चौहान
डीएम सावन कुमार समेत नगर परिषद अध्यक्ष व गणमान्य लोगों ने किया कार्यक्रम का शुभारंभ, बाहर से आए कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों पर झूमे श्रद्धालु
सुपौल :- झूलन उत्सव के अवसर पर सुपौल जिला मुख्यालय स्थित ऐतिहासिक राधा-कृष्ण ठाकुरबाड़ी मंदिर में विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। धार्मिक आस्था, भक्ति और संस्कृति के अद्भुत संगम से आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और शहरवासी शामिल हुए। मंदिर परिसर में झूलन उत्सव को लेकर विशेष सजावट की गई थी, जबकि बाहर से आए कलाकारों की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित श्रद्धालुओं का दिल जीत लिया।
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि सुपौल के जिलाधिकारी सावन कुमार, नगर परिषद अध्यक्ष राघवेंद्र झा राघव, ठाकुरबाड़ी कमेटी के अध्यक्ष अभय मिश्रा एवं अन्य गणमान्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। दीप प्रज्वलन के साथ ही पूरा वातावरण भक्तिमय और उत्साहपूर्ण हो उठा। इस दौरान मौजूद लोगों ने धार्मिक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को लेकर भी अपनी खुशी जाहिर की।
झूलन उत्सव भारतीय सनातन परंपरा का एक महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व है। भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी को समर्पित इस उत्सव में श्रद्धालु विशेष रूप से पूजा-अर्चना करते हैं और मंदिरों में आकर्षक सजावट की जाती है। सुपौल के राधा-कृष्ण ठाकुरबाड़ी मंदिर में भी इस अवसर पर विशेष तैयारियां की गई थीं। मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों और आकर्षक सजावट से सजाया गया था। शाम होते ही रोशनी से जगमगाता मंदिर परिसर लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा।
विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान बाहर से आए कलाकारों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति देकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। गणपति की धुन पर प्रस्तुत की गई भव्य झांकी ने विशेष रूप से दर्शकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। कलाकारों की शानदार प्रस्तुति, संगीत और नृत्य के समन्वय ने कार्यक्रम को और भी यादगार बना दिया। धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाओं से ओतप्रोत प्रस्तुतियों के दौरान श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन करते नजर आए।
कार्यक्रम में शामिल जिलाधिकारी सावन कुमार ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज को जोड़ने का काम करते हैं। स्थानीय स्तर पर आयोजित ऐसे कार्यक्रम हमारी परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। झूलन उत्सव जैसे आयोजन नई पीढ़ी को भी अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने का अवसर प्रदान करते हैं।
नगर परिषद अध्यक्ष राघवेंद्र झा राघव ने भी आयोजन समिति और मंदिर कमेटी के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सुपौल की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को मजबूत करने में ऐसे आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। शहरवासियों की बड़ी भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि लोगों के मन में अपनी परंपराओं और धार्मिक आयोजनों के प्रति गहरी आस्था है।
ठाकुरबाड़ी कमेटी के अध्यक्ष अभय मिश्रा ने बताया कि झूलन उत्सव को लेकर मंदिर में विशेष तैयारियां की गई थीं। श्रद्धालुओं की सुविधा और कार्यक्रम की सफलता को लेकर कमेटी के सदस्यों ने विशेष व्यवस्था की थी। मंदिर की सजावट से लेकर सांस्कृतिक कार्यक्रम तक हर पहलू को आकर्षक और व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया गया था।
कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। महिलाएं, पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग बड़ी संख्या में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद लेने पहुंचे थे। कई श्रद्धालु राधा-कृष्ण के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए भी मंदिर पहुंचे। पूरे परिसर में भक्ति गीतों और धार्मिक माहौल ने लोगों को आध्यात्मिक अनुभूति से भर दिया।
झूलन उत्सव के कारण शहर में भी विशेष उत्साह देखने को मिला। राधा-कृष्ण ठाकुरबाड़ी में आयोजित कार्यक्रम को लेकर लोगों में पहले से ही काफी उत्सुकता थी। शाम ढलते ही मंदिर परिसर में लोगों की भीड़ बढ़ने लगी और सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू होते ही पूरा माहौल उत्सवमय हो गया।
बाहर से आए कलाकारों ने अपनी प्रतिभा के माध्यम से धार्मिक और सांस्कृतिक संदेशों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। आकर्षक वेशभूषा, संगीत और झांकियों ने कार्यक्रम की भव्यता में चार चांद लगा दिए। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
झूलन उत्सव के अवसर पर आयोजित यह विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम सुपौल शहरवासियों के लिए यादगार बन गया। धार्मिक आस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने लोगों को एक साथ जोड़ने का काम किया। मंदिर परिसर में देर तक श्रद्धालुओं और दर्शकों की मौजूदगी बनी रही।
राधा-कृष्ण ठाकुरबाड़ी में आयोजित झूलन उत्सव ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सुपौल की धरती धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से समृद्ध है। भव्य सजावट, श्रद्धालुओं की भारी भीड़, गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति और कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों ने इस आयोजन को विशेष बना दिया। झूलन उत्सव के रंग में रंगे शहरवासियों ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन का आनंद लिया।




