महावीरी झंडा में दिखी कौमी एकता, वर्षों से एकसाथ त्यौहार मनाते आ रहे हैँ हिंदू मुस्लिम परिवार!

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रिपोर्ट – मनोज कुमार!

बेतिया – महावीरी झंडा की तैयारियों के बीच बेतिया से कौमी एकता की सबसे खूबसूरत तस्वीर आई है। डीके शिकारपुर पंचायत में हिंदू-मुस्लिम युवाओं ने एक ही अखाड़े में कंधे से कंधा मिलाकर लाठी-भाला चलाया। धर्म अलग, जज्बा एक।वर्षों पुरानी परंपरा के साथ शुरू हुआ अखाड़ा खेल। शुरुआत की मुखिया राहुल जायसवाल ने बजरंगबली की पूजा-अर्चना कर फीता काटकर। फिर खुद लाठी भांजकर खेल का उद्घाटन किया। बस फिर क्या था, युवाओं का जोश सातवें आसमान पर।आसपास के गांवों से पहुंचे खिलाड़ियों ने अनुशासन और ताकत के साथ लाठी, भाला और पारंपरिक युद्ध कौशल का हैरतअंगेज प्रदर्शन किया। हर करतब पर दर्शकों की तालियां गूंजती रहीं।मुखिया राहुल जायसवाल ने कहा – “महावीरी झंडा सिर्फ आस्था का पर्व नहीं है। ये हमारी सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का प्रतीक है। हिंदू-मुस्लिम की ये साझा भागीदारी गंगा-जमुनी तहजीब को और मजबूत करती है।कार्यक्रम के अंत में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। अखाड़ा कमेटी ने मुखिया को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया।ग्रामीणों ने कहा – यही है असली भारत। जहां पर्व जोड़ते हैं, बांटते नहीं।

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