कोशी नदी के कटाव से उजड़ा गांव, 40 से अधिक परिवारों का आशियाना नदी में समाया!

SHARE:

रिपोर्ट :- संतोष चौहान!

सुपौल :- जिले के मरौना प्रखंड अंतर्गत घोघरिया पंचायत के वार्ड संख्या 12 और 13 स्थित खुबनाहा गांव में कोशी नदी का कटाव लगातार विकराल रूप लेती जा रही है। जलस्तर घटने के बावजूद नदी का कटाव नहीं थम रहा है, जिससे गांव के दर्जनों परिवारों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
ग्रामीणों के अनुसार अब तक करीब 40 से 50 परिवार के घर नदी में समा चुके हैं। कटाव की चपेट में आने से कई परिवारों का वर्षों की मेहनत से बनाया गया आशियाना, आंगन, खेती की जमीन और अन्य संपत्ति देखते ही देखते नदी की धारा में विलीन हो गई। लगातार बढ़ते कटाव के कारण आसपास के लोगों में भी भय का माहौल बना हुआ है।कटाव से प्रभावित परिवारों का कहना है कि उनके घरों के साथ घरेलू सामान, अनाज, पशुओं का चारा और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी नदी में बह गए। अचानक आई इस आपदा के कारण अनेक परिवार खुले आसमान के नीचे जीवन बिताने को मजबूर हैं। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते प्रभावी कटाव निरोधी कार्य कराया गया होता तो इतनी बड़ी क्षति से बचा जा सकता था। उन्होंने जिला प्रशासन से अविलंब राहत सामग्री उपलब्ध कराने, प्रभावित परिवारों का सुरक्षित स्थान पर पुनर्वासित कराने तथा स्थायी कटावरोधी उपाय सुनिश्चित करने की मांग की है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता मिथिलेश कुमार यादव ने भी सरकार से कटाव प्रभावित परिवारों को शीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है। घोघरिया पंचायत की मुखिया एकता देवी ने बताया कि पूरे मामले की सूचना जिला प्रशासन को भेज दी गई है, ताकि प्रभावित परिवारों को नियमानुसार सहायता मिल सके। वहीं, मरौना के अंचल अधिकारी (सीओ) अभिजीत कुमार से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी। इधर, जिला पदाधिकारी सावन कुमार ने कहा है कि प्रशासनिक टीम प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करेगी। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार राहत सामग्री का वितरण तथा अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। फिलहाल कटाव प्रभावित परिवार प्रशासन से त्वरित राहत और सुरक्षित पुनर्वास की उम्मीद लगाए हुए हैं।

Join us on: