रिपोर्ट- संतोष तिवारी!
मुजफ्फरपुर (बिहार)
देश भर में E20 पेट्रोल (20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) को लेकर चल रही चर्चाओं और विरोध के बीच बिहार सरकार के पूर्व मंत्री सुरेश शर्मा खुलकर केंद्र सरकार और नीति के समर्थन में आ गए हैं। मुजफ्फरपुर में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए उन्होंने E20 पेट्रोल के विरोध को बेबुनियाद बताते हुए विरोधियों को तथ्यों के साथ अपनी बात रखने की चुनौती दी है।
विरोध करने वालों को सुरेश शर्मा की सीधी चुनौती
पूर्व मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो लोग E20 पेट्रोल का विरोध कर रहे हैं, वे मनगढ़ंत दावों के बजाय वैज्ञानिक और तकनीकी तथ्यों को सामने लाएं। “विरोध करने वाले यह साबित करके दिखाएं कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से किसी गाड़ी के इंजन में खराबी आई है या वाहन का माइलेज पहले की तुलना में कम हुआ है। बिना किसी ठोस प्रमाण के भ्रम फैलाना अनुचित है।” सुरेश शर्मा, पूर्व मंत्री
उन्होंने कहा कि बिना तथ्यों के सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भ्रम से आम जनता में अनावश्यक भय का माहौल बनता है, जिससे बचने की जरूरत है।
नितिन गडकरी और केंद्र सरकार के फैसले का बचाव
सुरेश शर्मा ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और केंद्र सरकार की नीतियों का जोरदार बचाव किया। उन्होंने कहा कि E20 पेट्रोल की गुणवत्ता में किसी भी तरह की कोई कमी नहीं है। यह दावा केवल राजनीतिक या व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि विभिन्न वैज्ञानिक सर्वे और तकनीकी अनुसंधान रिपोर्टों पर आधारित है। विशेषज्ञों और ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों की जांच में E20 को पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावकारी पाया गया है।
E20 पेट्रोल के तीन प्रमुख फायदे
पूर्व मंत्री ने E20 पेट्रोल को देश के भविष्य के लिए एक अत्यंत क्रांतिकारी कदम बताते हुए इसके तीन मुख्य लाभ रेखांकित किए:
- पर्यावरण संरक्षण: E20 ईंधन से वाहनों से होने वाले कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आती है, जो देश को स्वच्छ पर्यावरण की ओर ले जाने में सहायक है।
- विदेशी मुद्रा की बचत: कच्चे तेल के आयात पर भारत की निर्भरता घटेगी, जिससे देश की अरबों रुपये की कीमती विदेशी मुद्रा बचेगी।
- किसानों को आर्थिक लाभ: एथेनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से गन्ना, मक्का और अन्य अनाज से होता है। एथेनॉल की मांग बढ़ने से देश के किसानों को उनकी फसलों का बेहतर दाम मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
‘आत्मनिर्भर भारत’ और जनता से अपील
सुरेश शर्मा ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार का उद्देश्य आम जनता को किसी परेशानी में डालना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के साथ-साथ पर्यावरण को स्वच्छ और सुरक्षित बनाना है।
उन्होंने अंत में देश और प्रदेश की जनता से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर तैर रही अफ़वाहों और भ्रामक खबरों पर बिल्कुल ध्यान न दें। किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचने से पहले वैज्ञानिक तथ्यों, आधिकारिक रिपोर्टों और विशेषज्ञों की राय को ही आधार बनाएं।




