रिपोर्ट:- संतोष चौहान!
सुपौल :- जिले के त्रिवेणीगंज प्रखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय खोरिया में विद्यालय अवधि के दौरान कक्षा में सोते हुए पाए गए एक विशिष्ट शिक्षक पर जिला शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के निर्देश पर की गई जांच में प्रकाशित खबर सही पाए जाने के बाद विशिष्ट शिक्षक दिनेश कुमार मंडल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई को सरकारी विद्यालयों में शैक्षणिक अनुशासन कायम रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 28 जुलाई 2026 को प्रकाशित खबर कक्षा में शिक्षकों को सोता देख घर लौटे बच्चे” शीर्षक से समाचार प्रकाशित हुआ था। खबर सामने आने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी के निर्देश पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, त्रिवेणीगंज ने उसी दिन विद्यालय का स्थलीय निरीक्षण किया। जांच के दौरान यह पाया गया कि विद्यालय अवधि में दो शिक्षक विशिष्ट शिक्षक दिनेश कुमार मंडल तथा देवेन्द्र सरदार—कक्षा के भीतर कुर्सी और बेंच पर सो रहे थे।
जांच प्रतिवेदन में स्पष्ट किया गया कि विद्यालय के समय में छात्रों को पढ़ाने के बजाय शिक्षकों का सोना न केवल विद्यार्थियों के हितों के विरुद्ध है, बल्कि इससे विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था भी गंभीर रूप से प्रभावित हुई। निरीक्षण के दौरान यह भी माना गया कि इस तरह का आचरण सरकारी सेवक की जिम्मेदारियों के अनुरूप नहीं है और यह बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1976 के नियम-10(ख) का उल्लंघन है।
जिला शिक्षा विभाग ने अपने आदेश में कहा है कि प्रथम दृष्टया आरोप सत्य पाए जाने के कारण बिहार विद्यालय विशिष्ट शिक्षक (संशोधन) नियमावली, 2024 के नियम 11.2 (ख, ग, ङ, छ एवं झ) के तहत दिनेश कुमार मंडल को निलंबित करते हुए उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही शुरू की गई है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, सरायगढ़-भपटियाही निर्धारित किया गया है। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि निर्धारित मुख्यालय से निर्गत उपस्थिति एवं अनुपस्थिति विवरणी के आधार पर उन्हें नियम 11.5(1) के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
विभागीय आदेश के अनुसार शिक्षक के विरुद्ध आरोप पत्र अलग से जारी किया जाएगा। निलंबन आदेश की प्रतिलिपि संबंधित शिक्षक, विद्यालय के प्रधानाध्यापक, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी त्रिवेणीगंज एवं सरायगढ़-भपटियाही, जिला कोषागार पदाधिकारी तथा जिला शिक्षा पदाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई एवं सूचना के लिए भेज दी गई है।
इस मामले ने सरकारी विद्यालयों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विद्यालय में शिक्षक के सोने की घटना के कारण बच्चों के पढ़ाई से वंचित होने की बात सामने आने के बाद अभिभावकों में भी नाराजगी देखी जा रही है। शिक्षा विभाग का कहना है कि विद्यार्थियों के भविष्य से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और कर्तव्य में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों के विरुद्ध नियमों के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
हालांकि जांच प्रतिवेदन में दो शिक्षकों के सोते हुए पाए जाने की पुष्टि की गई है, लेकिन फिलहाल जारी आदेश में केवल विशिष्ट शिक्षक दिनेश कुमार मंडल के निलंबन का उल्लेख किया गया है। दूसरे शिक्षक के संबंध में विभाग की ओर से आगे की कार्रवाई की प्रतीक्षा की जा रही है। शिक्षा विभाग के इस कदम से स्पष्ट संकेत मिला है कि विद्यालयों में अनुशासनहीनता और शिक्षण कार्य में लापरवाही को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।




