धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ‘बड़ा दिल’ का प्रमाण – मनोज तिवारी, विपक्ष को भी दिखाया आईना!

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रिपोर्ट – अमित कुमार!

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा देकर बड़ा दिल दिखाया है। तिवारी के मुताबिक प्रधानमंत्री ने छात्रों की मांग को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा उसी का उदाहरण है, जो देश के लिए एक मिसाल बनेगा।
मनोज तिवारी ने आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पंजाब में हाल ही में पेपर लीक का मामला सामने आया, जहां आम आदमी पार्टी की सरकार है, और वहां छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया। तिवारी ने सवाल उठाया कि जब दिल्ली में जंतर-मंतर पर केजरीवाल छात्रों के समर्थन में पहुंचते हैं, तो पंजाब में छात्रों पर कार्रवाई क्यों होती है—यह दोहरा रवैया क्यों?
बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव द्वारा छात्रों पर दर्ज FIR वापस नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी पर भी मनोज तिवारी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि छात्रों पर दर्ज केस वापस लिए जाएंगे, लेकिन जो लोग छात्र नहीं हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि आंदोलन में कुछ ऐसे लोग भी शामिल थे जिन्हें बाहर से समर्थन मिल रहा था, और ऐसे तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, नए शिक्षा मंत्री के तौर पर प्रह्लाद जोशी के नाम पर मनोज तिवारी ने भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि प्रह्लाद जोशी अनुभवी नेता हैं और कई बड़े मंत्रालय संभाल चुके हैं, ऐसे में वे शिक्षा मंत्रालय को भी बेहतर तरीके से चलाएंगे।
प्रशांत किशोर के बयान पर पलटवार करते हुए मनोज तिवारी ने उन्हें ‘बरबोला नेता’ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशांत किशोर निजी मुद्दों को राजनीतिक रंग दे रहे हैं और लोगों से समर्थन के बदले शर्तें रख रहे हैं, जो कि ओछी राजनीति का उदाहरण है।
पटना में पवन सिंह के चुनाव प्रचार के दौरान छात्रों द्वारा कुर्सियां तोड़े जाने की घटना पर मनोज तिवारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में इस तरह की घटनाएं नहीं होनी चाहिए और विरोध का तरीका शांतिपूर्ण होना चाहिए।

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