रिपोर्ट – अमित कुमार!
अब्दुल बारी सिद्दीकी कहा कि जिस तरह से सरकारें तानाशाही रवैया अपनाकर देश चलाना चाहती हैं उससे छात्रों का भविष्य खतरे में है। नीट परीक्षा में बार-बार पेप र लीक होने और धांधली की बात सामने आने के बाद भी सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच रही है। उन्होंने सीधा सवाल किया कि यह सब किसके शासन में और किसके समय हो रहा है और सरकार खुद मान रही है कि परीक्षा में गड़बड़ी हुई है।
सिद्दीकी ने कहा कि जब छात्र बिना किसी बैनर के सड़कों पर उतरकर अपना आक्रोश जता रहे थे तो उन पर लाठीचार्ज किया गया। इसी को लेकर उन्होंने कहा कि जो सरकार छात्रों पर लाठी चलाती है वह निकम्मी सरकार है और छात्रों को उनका हक मिलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के नेतृत्व में जो मंत्री है उसने इस पूरे मामले में नाकामी दिखाई है इसलिए उसे खुद इस्तीफा दे देना चाहिए। लेकिन सरकार की मंशा साफ नहीं है तभी तो मंत्री इस्तीफा नहीं दे रहा है।



