रिपोर्ट – अमित कुमार!
बिहार के शिक्षा मंत्री विधानसभा रंगों के लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है।
विपक्ष ने रंगों के लेकर कहा रंग स्कूलों में थोपा जा रहा है वहीं शिक्षा मंत्री ने कहां मिथिलेश तिवारी ने स्कूलों के भगवा रंग और मां सरस्वती की प्रतिमा वाले मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखी।
उन्होंने कहा कि भगवा रंग से लोगों को इतनी दिक्कत क्यों हो रही है जबकि ये रंग हमारे तिरंगे में भी शामिल है। उनका तर्क था कि राज्य में मॉडल स्कूल बनाए जा रहे हैं और उनमें मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित की जा रही है। चूंकि मां सरस्वती को भगवा साड़ी में दर्शाया जाता है इसलिए स्कूल भवनों को भगवा रंग से रंगना कहीं से भी गलत नहीं ठहराया जा सकता। उनके अनुसार बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार और माता की वंदना से जोड़ना भी हमारा कर्तव्य है।
वहीं विपक्ष ने इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सरकारी स्कूल सभी समुदायों के बच्चों के लिए होते हैं इसलिए उन्हें किसी एक खास रंग से नहीं रंगा जाना चाहिए। विपक्ष इसे शिक्षा के भगवाकरण की कोशिश बता रहा है।
इसी बातचीत के दौरान बकीपुर उपचुनाव का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि विरोधी चाहे जो भी कहें, जनता का समर्थन उनके साथ है और वे इतने बड़े अंतर से जीतेंगे जिसकी उम्मीद भी लोगों ने नहीं की होगी।
फिलहाल ये बहस दो धारणाओं के बीच फंसी हुई है। एक तरफ इसे संस्कृति और परंपरा से जोड़कर देखा जा रहा है और दूसरी तरफ इसे सरकारी संस्थानों की तटस्थता के सवाल से जोड़ा जा रहा है। वही शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी तबादला को लेकर कहा पोर्टल खुल जाने पर यह दो महीना के अंदर यह भी प्रक्रिया शुरू हो जाएगी




