इंटर स्टेट ठगी गिरोह का पर्दाफाश, बख्तियारपुर थाना और गाजियाबाद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई!

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:- रवि शंकर अमित!

बिहार के बख्तियारपुर थाना और उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की पुलिस के संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने गाजियाबाद से अंतरराज्यीय ठगी के गिरोह का पर्दाफाश किया है। बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के रानीसराय के रहने वाले रौशन कुमार ने मई 2025 में थाना में एफआईआर दर्ज करवाई थी की उनकी पत्नी मेनका कुमारी को विदेश पढ़ने के लिए भेजने के नाम पर उनसे तीन लाख पच्चासी हजार रुपए की ठगी की गई है। इस बाबत पुलिस ने चार आरोपियों (विवेक भटनागर, अभिषेक वर्मा, रूपाली वर्मा, सूरज वर्मा) में से मुख्य आरोपी विवेक भटनागर को गिरफ्तार कर लिया है।
एसडीपीओ-2 आयुष श्रीवास्तव ने बताया कि बख्तियारपुर थाना में एक अंतरराज्यीय सिंडिकेट का उद्वेदन हुआ है, इसके वादी रौशन कुमार ने मई में एफआईआर दर्ज कराई थी, वह अपनी पत्नी को एमबीबीएस एम एस की पढ़ाई कराने के लिए ब्रिटेन के कार्डिफ़ विश्वविद्यालय में एडमिशन कराना चाहते थे इसी दौरान उनकी पहचान गाजियाबाद के रहने वाले विवेक भटनागर से हुई। विवेक भटनागर ने एकं एजेंसी वेट इंटरप्राइजेज से उनकी मुलाकात कराई, जिसमें तीन व्यक्ति संलिप्त थे उनसे कहा गया कि लगभग नौ लाख रुपए में लंदन जाने के लिए एडमिशन कराना, वीजा और पार्ट टाइम जॉब दिलवाने के लिए अप्लाई कराई जाएगी। इसमें एडवांस जमा रकम के तौर पर उन्होने तीन लाख पच्चासी हजार रुपए दे दिया था, जिसमें उसे वीजा बनवाना और एडमिशन कराना था इस दौरान वेट इंटरप्राइजेज के लोगों ने उनकी पत्नी का इंटरव्यू भी कराया और उन्हें एक एडमिशन सर्टिफिकेट भी दिया गया, जिसे रौशन कुमार को लगे कि उनकी पत्नी का एडमिशन कार्डिफ़ विश्वविद्यालय में हो गया है। इसके 3 महीने बाद जब उन्हें शक हुआ तो उन्होंने कार्डिफ़ विश्वविद्यालय को मेल भेजा। जिस पर कार्डिफ़ विश्वविद्यालय में उन्हें मेल पर जवाब दिया कि इस तरह का कोई भी एडमिशन प्रोसेस यहां नहीं किया जाता है और उनकी पत्नी का एडमिशन भी नहीं हुआ है। इसके बाद रौशन ने बख्तियारपुर थाना में एफआईआर दर्ज कराई, वादी और आरोपी के बीच में रुपए लेनदेन के समय एग्रीमेंट हुआ था कि अगर एडमिशन नहीं होता है तो वह उन्हे तीन लाख पच्चासी हजार लौटाने होंगे जिसको लेकर आरोपी ने एक चेक भी रौशन को दिया था। इस मामले के सभी आरोपी उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के रहने वाले हैं और यह लगातार फरार चल रहे थे जिसको लेकर एक टीम का गठन किया गया इसमें गाजियाबाद पुलिस के साथ एक संयुक्त छापेमारी की गई जिसमें मुख्य आरोपी विवेक भटनागर उर्फ विवेक कुमार को गिरफ्तार किया गया। आरोपी ने अपनी संलिप्तता स्वीकार की है और पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि इसका नेटवर्क देश के दूसरे राज्यों में भी फैला हुआ था, यह कई राज्यों में बहुत सारे लोगों के साथ इस तरह का फ्रॉड कर चुका है।

बाइट – आयुष श्रीवास्तव, एसडीपीओ 2

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