:- रवि शंकर अमित!
समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में जिला पदाधिकारी श्री श्रीकांत शास्त्री की अध्यक्षता में समाज कल्याण विभाग एवं कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में सामाजिक सुरक्षा पेंशन, ई-सुविधा पोर्टल पर संचालित योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, बुनियाद केंद्रों की प्रगति, दिव्यांगजन सशक्तिकरण योजनाओं, छात्रावासों की स्थिति तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम से संबंधित मामलों की प्रगति की समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि अप्रैल 2026 से जून 2026 तक विभिन्न पेंशन योजनाओं के अंतर्गत 7,675 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 5,057 आवेदनों को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है, जबकि 2,202 आवेदन प्रक्रियाधीन हैं। जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि RTPS के माध्यम से प्राप्त आवेदनों का निर्धारित 42 दिनों की समय-सीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। e-Labharthi पोर्टल की समीक्षा में यह जानकारी दी गई कि जून 2026 में जिले के कुल 3,07,522 लाभार्थी पेंशन योजनाओं से आच्छादित हैं। जीवन प्रमाणीकरण की समीक्षा में बताया गया कि 3,00,249 पेंशनधारियों में से 2,43,354 का सत्यापन पूर्ण किया जा चुका है, कुछ लाभार्थियों की मृत्यु होने के कारण मृत अंकित किया गया है, जबकि 56,895 लाभार्थियों का प्रमाणीकरण लंबित है। जिला पदाधिकारी ने सभी लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
ई-सुविधा पोर्टल के अंतर्गत राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना, मुख्यमंत्री परिवार लाभ योजना तथा कबीर अंत्येष्टि अनुदान योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों के शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया गया। बैठक में माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण से संबंधित वादों के निस्तारण की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
दिव्यांगजन सशक्तिकरण योजनाओं की समीक्षा में बताया गया कि ‘सम्बल’ योजना के अंतर्गत अब तक 985 लाभुकों को बैट्री चालित ट्राई साइकिल तथा 894 दिव्यांगजनों को विभिन्न सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। UDID परियोजना के अंतर्गत 31,339 आवेदनों में से 24,638 कार्ड जनरेट किए जा चुके हैं। वहीं जिले के बुनियाद केंद्रों के माध्यम से जून माह में 1,392 सेवाएं प्रदान की गईं तथा उज्ज्वल दृष्टि योजना के अंतर्गत चश्मा वितरण का कार्य जारी है।
कल्याण विभाग से संबंधित समीक्षा के दौरान अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत दर्ज मामलों में मुआवजा भुगतान की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। समीक्षा में बताया गया कि चालू वित्तीय वर्ष में अब तक अधिनियम के अंतर्गत कुल 48 मामले दर्ज हुए हैं और सभी मामलों में मुआवजा भुगतान की स्वीकृति प्राप्त है। इनमें से 26 पीड़ितों को मुआवजा राशि का भुगतान किया जा चुका है। शेष पीड़ितों को मुआवजा राशि उपलब्ध कराने तथा अधिनियम के अंतर्गत स्वीकृत 44 पेंशन मामलों में अद्यतन भुगतान सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक आवंटन की मांग की गई है। जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि ऐसे संवेदनशील मामलों में पीड़ितों को राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए तथा विभागीय स्तर पर नियमित अनुश्रवण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति छात्रावासों तथा आवासीय विद्यालयों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने छात्रावासों में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए कहा कि पात्र छात्र-छात्राओं को संस्थागत सुविधाओं से वंचित नहीं रहने दिया जाए। उन्होंने जिला कल्याण पदाधिकारी को निर्देशित किया कि छात्रावासों एवं आवासीय विद्यालयों में साफ-सफाई, गुणवत्तापूर्ण भोजन, पेयजल, छात्र-छात्राओं की मूलभूत सुविधाओं तथा पठन-पाठन की सुचारू व्यवस्था का नियमित निरीक्षण किया जाए। साथ ही विद्यालयों में अनुशासन, उपस्थिति, शैक्षणिक वातावरण और छात्रों की समुचित देखभाल के लिए सतत अनुश्रवण सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक के अंत में जिला पदाधिकारी ने कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समय पर पहुँचना चाहिए। उन्होंने लंबित आवेदनों, जनशिकायतों तथा लाभार्थी-आधारित योजनाओं के त्वरित एवं समयबद्ध निष्पादन पर विशेष बल देते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।




