रिपोर्ट डॉ अनमोल कुमार
‘तिब्बत की आज़ादी भारत की सुरक्षा और विश्व शांति के लिए आवश्यक’ – प्रमोद कुमार शर्मा
पटना। भारत तिब्बत मैत्री संघ, बिहार द्वारा परम पावन 14वें दलाई लामा के 91वें जन्मदिवस के अवसर पर एक ऑनलाइन शुभकामना एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भारत तिब्बत मैत्री संघ, बिहार के उपाध्यक्ष श्री प्रमोद कुमार शर्मा ने की। इस अवसर पर बिहार के विभिन्न सामाजिक संगठनों, सर्वोदय कार्यकर्ताओं एवं युवाओं ने परम पावन दलाई लामा के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं विश्व शांति की कामना की।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में श्री प्रमोद कुमार शर्मा ने कहा कि परम पावन दलाई लामा करुणा, अहिंसा, शांति और मानवता के वैश्विक प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में तिब्बत का प्रश्न केवल एक क्षेत्रीय मुद्दा नहीं, बल्कि भारत की सामरिक एवं सांस्कृतिक सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि “तिब्बत की आज़ादी, भारत की सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।”
बिहार सर्वोदय मंडल के अध्यक्ष श्री चंद्र भूषण ने कहा कि चीन की विस्तारवादी नीति विश्व शांति के लिए गंभीर चुनौती है। उनका मत था कि तिब्बत के प्रश्न का न्यायपूर्ण समाधान क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए आवश्यक है।
भारत तिब्बत मैत्री संघ, बिहार के महासचिव श्री राजेश रंजन ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि तिब्बत का प्रश्न मानवाधिकार, न्याय और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा हुआ है। उन्होंने युवाओं से लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण माध्यमों से जन-जागरूकता बढ़ाने तथा मानवाधिकारों और विश्व शांति के समर्थन में आगे आने की अपील की।
कार्यक्रम के अध्यक्ष श्री प्रमोद कुमार शर्मा ने भारत सरकार से आग्रह किया कि परम पावन दलाई लामा के शांति, करुणा और मानवता के प्रति उनके असाधारण योगदान को देखते हुए उन्हें ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया जाए। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि भारत सरकार तिब्बत के मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रभावी ढंग से उठाए तथा विश्व समुदाय के साथ मिलकर इसके सम्मानजनक एवं शांतिपूर्ण समाधान के लिए पहल करे।
सामाजिक कार्यकर्ता श्री मंटू ने कहा कि तिब्बत के प्रश्न का शांतिपूर्ण समाधान समय की आवश्यकता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में ऐसा वातावरण बने जिससे परम पावन दलाई लामा अपने निर्वासित तिब्बती भाइयों एवं बहनों के साथ सम्मानपूर्वक तिब्बत लौट सकें तथा संवाद की प्रक्रिया पुनः प्रारंभ हो सके।
कार्यक्रम के अंत में सभी वक्ताओं ने परम पावन दलाई लामा के दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य तथा विश्व में शांति, करुणा, सहिष्णुता और अहिंसा के मूल्यों के प्रसार की कामना की।
इस अवसर पर अनिल कुमार शर्मा, अंकिता भूषण, जोया, रितु, अशोक कुमार मिश्रा, राजाजी सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता एवं भारत तिब्बत मैत्री संघ के सदस्य ऑनलाइन उपस्थित रहे।




