रिपोर्ट – प्रिंस कुमार!
मनिहारी अनुमंडल अस्पताल में परिजनों का जमकर हंगामा, पुलिस के साथ झड़प और धक्का मुक्की।
परिजनों का आरोप अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही से हुई मौत, समय रहते इलाज नहीं होने पर बच्चे के चाचा-चाची की मौत।
पूरब टोला वार्ड-10 की घटना, पुलिस ने समझाकर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
मनिहारी (कटिहार)। मनिहारी नगर परिषद के पूरब टोला वार्ड संख्या-10 में शनिवार की सुबह करंट लगने से एक ही परिवार के दो लोगों की मौत हो गई। घटना उस समय हुई जब एक बच्चे को करंट लगने के बाद उसे बचाने के प्रयास में परिजन भी करंट की चपेट में आ गए। हादसे में बच्चे की जान बच गई, जबकि दो लोगों की मौत हो गई।
मृतकों की पहचान शेख नजीर (42 वर्ष), पिता शेख फकरुद्दीन तथा जुबेदा खातून (28 वर्ष), पति शेख तौफीक के रूप में हुई है।
घटना के बाद परिजन सभी घायलों को आनन-फानन में अनुमंडल अस्पताल, मनिहारी लेकर पहुंचे। अस्पताल में चिकित्सकों ने उपचार शुरू किया, लेकिन शेख नजीर और जुबेदा खातून को बचाया नहीं जा सका। वहीं बच्चे की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
दोनों की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। इस दौरान अस्पताल में शीशे एवं अन्य सामानों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इसके बाद जब पुलिस शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने लगी तो परिजनों ने शव ले जा रही पुलिस टीम को रोककर विरोध प्रदर्शन किया।
सूचना पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) बिनोद कुमार, थानाध्यक्ष संतोष कुमार झा तथा अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों को समझाकर शांत कराया और आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी कर दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतकों के परिजन मो. आलमगीर ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अस्पताल में डॉक्टरों की कमी है, बैठने जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं हैं। उनका आरोप है कि यदि चिकित्सक समय पर पहुंच जाते और बेहतर इलाज मिलता तो कम से कम एक व्यक्ति की जान बचाई जा सकती थी।
वहीं एसडीपीओ बिनोद कुमार ने बताया कि करंट लगने से दो लोगों की मृत्यु हुई है, जबकि बच्चा सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में हंगामा और तोड़फोड़ करने वालों की पहचान कर उनके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।




