रिपोर्ट – सुमित कुमार!
Slug – मुंगेर विश्वविद्यालय में मंत्रोच्चारण के साथ आग और नीम की टहनी से वीसी सहित यूनिवर्सिटी प्रशासन का उतारा भूत ,भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर सीनेट सदस्यों ने किया अनोखा विरोध।
मुंगेर विश्वविद्यालय में सीनेट सदस्यों ने भ्रष्ट्राचार का आरोप लगाते हुए अनोखा विरोध प्रदर्शन किया है।सदस्यों ने उपले में आग ,नीम की टहनी और बैनर लिए यूनिवर्सिटी में प्रवेश किया और कुलपति प्रो संजय कुमार ,कुलसचिव घनश्याम राय सहित डीएसडब्लू , सीसीडीसी सहित तमाम अधिकारियों के चैंबर में घुसकर विरोध जताया।सदस्यों ने हर कार्यालय में घुसकर सांकेतिक रूप से मंत्रोच्चारण के साथ अधिकारियों पर भ्रष्टाचार ,अवैध वसूली और छात्रों के शोषण का भूत उतारा गया।
सीनेट सदस्य विक्की आनन्द ने बताया कि मुंगेर विश्वविद्यालय में बैठे अधिकारी सिर्फ और सिर्फ भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं।हमलोगों के द्वारा आज भ्रष्टाचार का भूत मंत्र से नहीं बल्कि आग और नीम की टहनी से झाड़ फूंक कर उतारा गया है।हमलोगों के द्वारा वीसी सहित तमाम अधिकारियों के चैम्बर में सांकेतिक रूप से अपना विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि हम लोगों की मांग है की ओएमआर से परीक्षा कराने का फैसला वापस लिया जाए। क्योंकि ओएमआर के चक्कर में पहले भी हजारों छात्रों का रिजल्ट लटक गया था। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि पूरे विश्वविद्यालय में अव्यवस्था फैल गई है सीनेट और सिंडिकेट के स्पष्ट फैसलों की अनदेखी कर उसी सिस्टम को फिर छात्रों पर थोपना छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी कोई प्रशासन की कार्यशाली पर सवाल उठाता है तो जवाब देने के बजाय शिक्षकों का तबादला, कर्मचारियों पर कार्रवाई और छात्रों को मुकदमे में फसाने की धमकी दी जाती है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में पारदर्शिता और जवाबदेही पूरी तरह खत्म हो चुकी है तथा छात्रों से जुड़े फैसलों को ताक पर रखकर मनमानी करना लोकतांत्रिक व्यवस्था का अपमान है। उन्होंने कहा कि सीनेट और सिंडिकेट सर्वोच्च वैधानिक निकाय हैं उनके निर्णय का सम्मान करना प्रशासन की भी मजबूरी है। छात्र नेताओं ने बताया कि अगर ओएमआर परीक्षा का फैसला तुरंत वापस नहीं हुआ तथा पुराने और नए सिस्टम का खर्च सार्वजनिक नहीं किया गया और सीनियर सिंडिकेट के फैसलों के देखी जारी रही तो आंदोलन मैहर से सीधा राज भवन तक जाएगा।
बाइट – विक्की आनन्द सीनेट सदस्य
वहीं मामले में मुंगेर विश्वविद्यालय के कुलसचिव घनश्याम राय ने बताया कि इस तरह के आरोप निंदनीय है। विश्वविद्यालय में सभी कार्य नियम और पारदर्शिता के साथ हो रहे हैं।




