:- रवि शंकर अमित!
पंचायती राज विभाग, बिहार
29 जून, 2026
‘मन की बात’ से जनभागीदारी आधारित ग्रामीण विकास को मिलेगी नई दिशा : दीपक प्रकाश
पटना।
पंचायती राज विभाग, बिहार के मंत्री दीपक प्रकाश ने माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 135वें संस्करण पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम समाज के विभिन्न वर्गों के प्रेरक प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान प्रदान करने के साथ-साथ जनभागीदारी आधारित विकास की भावना को सुदृढ़ करने का प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में स्थानीय नवाचार, पर्यावरण संरक्षण, योग, आत्मनिर्भर भारत, युवा शक्ति तथा नागरिक सहभागिता जैसे विषयों का उल्लेख करते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता से विकसित भारत के निर्माण का आह्वान किया है। माननीय प्रधानमंत्री के विचार ग्राम पंचायतों को स्थानीय विकास की सशक्त इकाई के रूप में और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में मार्गदर्शक हैं।
दीपक प्रकाश ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री द्वारा कार्यक्रम में बिहार तथा नालंदा विश्वविद्यालय का उल्लेख राज्य के लिए गौरव का विषय है। नालंदा विश्वविद्यालय के माध्यम से भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा, शास्त्रार्थ की समृद्ध विरासत तथा आधुनिक तकनीक के समन्वय का उल्लेख बिहार की बौद्धिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि ज्ञान, नवाचार तथा प्रौद्योगिकी आधारित विकास की यही भावना ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास में भी उपयोगी सिद्ध होगी।
मंत्री ने कहा कि पंचायती राज विभाग द्वारा प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को आयोजित ‘पंचायत विकास दिवस’ के अवसर पर राज्य की सभी ग्राम पंचायतों में ‘मन की बात’ कार्यक्रम का सामूहिक श्रवण सुनिश्चित किया जा रहा है। इस पहल से ग्राम सभाओं में जनसंवाद, जनजागरूकता एवं विकास संबंधी विषयों पर व्यापक सहभागिता को प्रोत्साहन मिल रहा है। साथ ही ग्राम पंचायतों के माध्यम से पारदर्शिता, उत्तरदायित्व एवं जनभागीदारी आधारित सुशासन को भी सुदृढ़ किया जा रहा है।
दीपक प्रकाश ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार सरकार ग्राम पंचायतों को सशक्त एवं उत्तरदायी स्थानीय स्वशासन संस्थाओं के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि ग्रामीण विकास की प्रक्रिया में जनभागीदारी, पारदर्शिता, तकनीकी नवाचार तथा स्थानीय योजना निर्माण को प्राथमिकता दी जाए, जिससे विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुँच सके। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार पंचायतों में आधारभूत संरचना के विकास, डिजिटल सेवाओं के विस्तार, महिला सहभागिता, वित्तीय पारदर्शिता तथा सेवा वितरण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में सतत प्रयासरत है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि माननीय प्रधानमंत्री के प्रेरक संदेशों तथा राज्य सरकार की विकासोन्मुख पहल के अनुरूप ग्राम पंचायतें ग्रामीण विकास, सामाजिक समावेशन एवं सुशासन के उद्देश्यों की प्राप्ति में और अधिक प्रभावी भूमिका निभाएँगी तथा विकसित बिहार एवं विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।



