रिपोर्ट – प्रिंस कुमार!
कटिहार में सोमवार को उस वक्त प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया, जब जीएनएम कॉलेज की छात्राओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कटिहार-पूर्णिया मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। देखते ही देखते उत्तरी सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन पूरी तरह ठप हो गया।
सड़क जाम की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया। सदर अनुमंडल पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, सिविल सर्जन और सहायक थाना पुलिस बल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्राओं को समझाने-बुझाने का काफी प्रयास किया और घंटों की मशक्कत के बाद सड़क से हटाकर यातायात बहाल कराया। लेकिन छात्राओं का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा था।
सड़क जाम हटने के बाद छात्राओं ने सीधे समाहरणालय का रुख कर दिया। दर्जनों छात्राएं अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते हुए जिला मुख्यालय पहुंच गईं। मौके पर उप विकास आयुक्त अमित कुमार ने छात्राओं से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्राएं अपनी मांगों पर अड़ी रहीं।
आखिरकार मामला तब शांत हुआ जब जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी खुद समाहरणालय पहुंचे। प्रशासनिक रुतबे को किनारे रख जिलाधिकारी जमीन पर बैठ गए और छात्राओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना। डीएम के इस संवेदनशील रवैये ने माहौल बदल दिया। आश्वासन मिलने के बाद छात्राओं ने सहमति जताई और शांतिपूर्वक वापस लौट गईं। लेकिन डीएम आशुतोष द्विवेदी के इस जमीनी प्रयास की जमकर सराहना हो रही है!




