:- रवि शंकर अमित!
आज दिनांक 06.06.2026 को जिला पदाधिकारी श्रीकांत शास्त्री की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित कारगिल विजय सभा भवन में संभावित बाढ़ एवं आपदा की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु जिला स्तरीय तैयारियों की समीक्षा की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा की गई तैयारियों, संसाधनों की उपलब्धता, राहत एवं बचाव कार्यों की रणनीति तथा संवेदनशील क्षेत्रों में की जा रही व्यवस्थाओं का विभागवार मूल्यांकन किया गया।
नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा जिले के सभी नगर निकायों में आमजन को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने हेतु कुल 162 स्थायी एवं अस्थायी प्याऊ संचालित किए जाने की जानकारी दी गई। इसमें नगर निगम बेगूसराय, नगर परिषद बरौनी, बीहट, तेघड़ा, बलिया एवं बखरी क्षेत्र शामिल हैं। जिला पदाधिकारी ने सभी प्याऊ केंद्रों के नियमित संचालन एवं स्वच्छता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा संभावित आपदा के दौरान त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु व्यापक तैयारी की गई है। सदर अस्पताल से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर तक कुल 94 कूल बेड की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त 22 चलंत चिकित्सा दल तथा 55 एम्बुलेंस को विभिन्न क्षेत्रों में तैनात रखने की योजना बनाई गई है ताकि आपातकालीन स्थिति में प्रभावित लोगों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा के क्रम में बताया गया कि जिले में कुल 3,542 खराब चापाकलों के विरुद्ध अब तक 2,421 चापाकलों की मरम्मती का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। बेगूसराय एवं तेघड़ा प्रमंडल के भू-जल स्तर की स्थिति का भी विश्लेषण प्रस्तुत किया गया तथा शेष चापाकलों की मरम्मती शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया गया।
जल संसाधन विभाग द्वारा संभावित कटाव एवं बाढ़ से सुरक्षा हेतु आवश्यक सामग्रियों के भंडारण की जानकारी दी गई। प्रमंडलीय एवं केंद्रीय स्टोर्स में 5.29 लाख ईसी बैग, पर्याप्त संख्या में जियो बैग, वायर क्रेट्स तथा पॉर्क्यूपाइन सेट्स सुरक्षित रखे गए हैं। इन सामग्रियों का उपयोग संवेदनशील तटबंधों एवं कटाव प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यकता अनुसार किया जाएगा।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा अंचलवार संवेदनशील आबादी का अद्यतन डाटाबेस तैयार किया गया है। जिले के विभिन्न राजस्व गांवों में कुल 7,910 दिव्यांगजन, 2,108 गर्भवती महिलाएं तथा 1,531 धात्री माताओं की पहचान की गई है। इनके अतिरिक्त आपदा के समय बचाव कार्यों के लिए 92 प्रशिक्षित गोताखोरों को चिन्हित किया गया है। राहत व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने हेतु 80 राहत शिविर तथा 228 सामुदायिक रसोई केंद्रों की स्थापना की योजना तैयार की गई है।
श्रम संसाधन विभाग द्वारा आपदा अवधि में कार्यरत श्रमिकों के लिए कार्य अवधि एवं सुरक्षा मानकों से संबंधित दिशा-निर्देशों की जानकारी दी गई। वहीं समाज कल्याण विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं एवं बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही विशेष सेवाओं एवं पोषण सुविधाओं की समीक्षा की गई।
कृषि विभाग द्वारा बाढ़ अथवा सुखाड़ जैसी परिस्थितियों के प्रभाव को कम करने के उद्देश्य से आकस्मिक कृषि योजना तैयार की गई है। इसके अंतर्गत 23,621 हेक्टेयर संभावित प्रभावित कृषि क्षेत्र के लिए लगभग 7,400 क्विंटल वैकल्पिक बीजों की उपलब्धता एवं वितरण की कार्ययोजना तैयार की गई है, जिससे किसानों को फसल क्षति की स्थिति में शीघ्र वैकल्पिक खेती का अवसर मिल सके।
आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा सम्पूर्ति पोर्टल पर प्रभावित परिवारों के सत्यापन की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि कुल 1,01,058 संभावित प्रभावित परिवारों की सूची तैयार की गई है, जिनमें से 1,00,084 परिवारों का आधार आधारित सत्यापन पूर्ण कर लिया गया है। शेष परिवारों का सत्यापन अभियान मोड में जारी है।
हवाई मार्ग से राहत सामग्री वितरण की संभावित आवश्यकता को देखते हुए जिले में 16 विशिष्ट हेलीपैड स्थलों का चयन किया गया है। इन स्थलों को आपातकालीन स्थिति में राहत पैकेट ड्रॉपिंग एवं अन्य आवश्यक हवाई गतिविधियों के लिए उपयोग में लाया जाएगा। साथ ही तेघड़ा क्षेत्र के लिए चयनित खाद्यान्न आपूर्ति एजेंसी की भी आधिकारिक घोषणा की गई, जिससे राहत सामग्री की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि संभावित आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया, समन्वित कार्रवाई तथा राहत एवं बचाव कार्यों की प्रभावशीलता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि आमजन की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा प्रत्येक विभाग को निर्धारित कार्ययोजना के अनुरूप पूरी तत्परता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करना होगा।
बैठक में अपर समाहर्ता, बेगूसराय, नगर आयुक्त, सिविल सर्जन सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।




