बेगूसराय- जिला पदाधिकारी श्री श्रीकांत शास्त्री की अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति की बैठक!

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:- रवि शंकर अमित!

आज दिनांक 06.06.2026 को जिला पदाधिकारी श्री श्रीकांत शास्त्री की अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति की बैठक समाहरणाल स्थित कारगिल विजय सभा भवन में आयोजित की गई। बैठक में लोक सेवा का अधिकार अधिनियम (RTPS), बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, मुख्यमंत्री सचिवालय से प्राप्त संदर्भ, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाएं, जन्म एवं मृत्यु निबंधन, नगर निकायों की विकास योजनाएं, सात निश्चय कार्यक्रम तथा विभिन्न तकनीकी विभागों द्वारा संचालित विकासात्मक योजनाओं की संचिकावार समीक्षा की गई।

बैठक में नगर आयुक्त नगर निगम, अपर समाहर्ता, सिविल सर्जन सहित अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे, साथ ही सभी प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी VC के माध्यम से भाग लिया।

बैठक में बिहार लोक सेवा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों की समीक्षा के क्रम में बताया गया कि माह मई 2026 के दौरान जिले में कुल 1,50,481 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 1,25,392 आवेदनों का निष्पादन किया गया है। वर्तमान में 25,081 आवेदन समय-सीमा के भीतर प्रक्रियाधीन हैं, जबकि 08 मामले कालबाधित पाए गए। इन मामलों में खोदावंदपुर के 05, भगवानपुर, डंडारी एवं तेघड़ा के 01-01 मामले शामिल हैं। जिला पदाधिकारी ने इन मामलों को गंभीर प्रशासनिक चूक मानते हुए संबंधित अंचलाधिकारियों को तत्काल निष्पादन सुनिश्चित करने तथा पोर्टल को अद्यतन करने का निर्देश दिया। समीक्षा के दौरान यह भी बताया गया कि बेगूसराय अंचल में सर्वाधिक 27,424 आवेदन प्राप्त हुए, जबकि बरौनी एवं तेघड़ा अंचल में क्रमशः 13,986 एवं 12,364 आवेदन प्राप्त हुए हैं।

बैठक में बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत दर्ज परिवादों की भी समीक्षा की गई। समीक्षा में पाया गया कि फरवरी 2026 से मई 2026 की अवधि में कुल 1,689 परिवाद दर्ज किए गए, जिनमें से 1,253 मामलों का निष्पादन किया जा चुका है। वर्तमान में अधिकांश मामले निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्रक्रियाधीन हैं, जबकि केवल दो मामले 60 कार्य दिवस से अधिक अवधि से लंबित पाए गए। जिला पदाधिकारी ने दोनों मामलों का तत्काल निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जिला पदाधिकारी के जनता दरबार “सेवा-संवाद-समाधान” कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान पाया गया कि कुल 611 मामलों में से 229 मामलों का निस्तारण किया जा चुका है, जबकि 382 मामले विभिन्न स्तरों पर लंबित हैं। अपर समाहर्त्ता, जिला शिक्षा पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक कार्यालय तथा अनुमंडल पदाधिकारी सदर के स्तर पर सर्वाधिक मामले लंबित पाए गए। जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि जनता दरबार से प्राप्त शिकायतों का निस्तारण केवल प्रतिवेदन भेजकर नहीं बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि सुनिश्चित करते हुए धरातल पर किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री सचिवालय के “जनता के दरबार में मुख्यमंत्री” कार्यक्रम के अंतर्गत प्राप्त संदर्भों की समीक्षा के दौरान जिले का प्रदर्शन संतोषजनक पाया गया। कुल 1,880 संदर्भों में से 1,798 मामलों का निष्पादन किया जा चुका है तथा जिला स्तर पर अनुपालन प्रतिशत 95.64 दर्ज किया गया है। इसके बावजूद लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन हेतु संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए। ई-कंप्लायंस डैशबोर्ड की समीक्षा के दौरान भी विभिन्न कार्यालयों में लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन पर बल दिया गया।

नगर परिषद् तेघड़ा एवं नगर परिषद् बखरी के कार्यों की समीक्षा के दौरान शहरी स्वच्छता, जल निकासी, अतिक्रमण नियंत्रण, सीसीटीवी आधारित निगरानी, स्ट्रीट लाइट अधिष्ठापन, पार्क निर्माण, सामुदायिक शौचालय निर्माण एवं वेंडिंग जोन विकास की प्रगति की समीक्षा की गई। नगर परिषद् तेघड़ा द्वारा मुख्य बाजारों एवं सार्वजनिक स्थलों पर डस्टबीन अधिष्ठापित किए गए हैं तथा घर-घर कचरा पृथक्करण के लिए जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। नगर क्षेत्र में नालों की सफाई वार्डवार रोस्टर के आधार पर कराई जा रही है तथा जलजमाव वाले क्षेत्रों में सक्शन मशीनों की सहायता से जल निकासी सुनिश्चित की जा रही है। नगर परिषद् क्षेत्र में 3,600 स्ट्रीट लाइटों के अधिष्ठापन का कार्य प्रगति पर है। बुडको द्वारा तालाबों के सौंदर्यीकरण का कार्य प्रारंभ किया जा चुका है तथा विभिन्न स्थलों पर पार्क निर्माण कार्य संचालित है। वहीं नगर परिषद् बखरी की विभिन्न आधारभूत संरचना परियोजनाओं के लिए भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया लंबित पाए जाने पर अंचलाधिकारी बखरी को एक सप्ताह के भीतर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं की समीक्षा के दौरान पाया गया कि जिले में कुल 3,09,008 पेंशनधारियों में से 2,32,415 लाभार्थियों का बायोमेट्रिक ई-केवाईसी पूर्ण किया जा चुका है, जबकि 76,580 लाभार्थियों का सत्यापन अभी शेष है। जिला पदाधिकारी ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को विशेष अभियान चलाकर शत-प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया ।

बैठक में ग्रामीण कार्य विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, भवन निर्माण निगम, खेल विभाग, लघु सिंचाई प्रमंडल, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, जीविका तथा लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के अंतर्गत संचालित योजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई। सूर्यपुरा स्थित घाघरा-बैंती नदी पर उच्चस्तरीय पुल निर्माण, विभिन्न संपर्क पथों के सीमांकन, मटिहानी बहुग्रामीण जलापूर्ति योजना, गढ़पुरा में प्रस्तावित फुटबॉल स्टेडियम, अल्पसंख्यक बालिका छात्रावास निर्माण, सिमरिया धाम विकास परियोजना तथा अन्य आधारभूत संरचना परियोजनाओं से संबंधित भूमि विवादों एवं प्रशासनिक बाधाओं को शीघ्र दूर करने का निर्देश दिया गया।

जीविका के अंतर्गत संचालित “दीदी की रसोई” एवं सिलाई केंद्रों के लिए भवन उपलब्ध कराने तथा लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के अंतर्गत ठोस अपशिष्ट एवं मलगाद प्रबंधन हेतु आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने के संबंध में भी आवश्यक निर्देश दिए गए। जिला पदाधिकारी ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं अंचलाधिकारियों को जनहित से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया।

बैठक के समापन पर जिला पदाधिकारी ने कहा कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की शिथिलता, वित्तीय वर्ष के दौरान बजटीय राशि का सरेंडर अथवा जनहित के मामलों में विलंब को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने सभी अधिकारियों को पूरी निष्ठा, जवाबदेही एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का निर्देश दिया।

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