रिपोर्ट – निभाष मोदी!
“17 साल से सड़क नहीं, अब आर-पार की लड़ाई” — ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल के खिलाफ ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, 21 दिवसीय आमरण अनशन शुरू
भागलपुर के नवगछिया अनुमंडल अंतर्गत कांटीधार नवटोलिया, डीमहा, गोपालपुर नवगछिया के ग्रामीणों का गुस्सा अब सड़कों पर फूट पड़ा है। सड़क, पेयजल और बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर ग्रामीणों ने बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल के आवास के पास 21 दिवसीय आमरण अनशन शुरू कर दिया है।आंदोलन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2007 से लगातार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से सड़क निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन आज तक हालात जस के तस बने हुए हैं। लोगों का आरोप है कि क्षेत्र से मंत्री बनने के बावजूद गांवों की तस्वीर नहीं बदली और आज भी लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।अनशन स्थल पर लगाए गए बड़े पोस्टर में गांव की बदहाली को बेहद मार्मिक तरीके से दर्शाया गया है। पोस्टर में लिखा गया है कि सड़क नहीं रहने के कारण गर्भवती महिलाओं को खेत और कीचड़ भरे रास्तों से अस्पताल पहुंचाना पड़ता है। स्कूली बच्चे जान जोखिम में डालकर गंगा नदी पार कर पढ़ाई करने जाते हैं। वहीं बीमार और घायल लोगों को समय पर इलाज नहीं मिलने से कई लोगों की जान तक चली गई।ग्रामीणों ने कहा कि सड़क नहीं होने की वजह से शादी-विवाह जैसे सामाजिक कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। आजादी के इतने वर्षों बाद भी गांव मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है और लोगों को रोज भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पोस्टर में “आजाद भारत का गुलाम गांव” लिखकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर तीखा हमला बोला गया है।आमरण अनशन पर बैठे ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। आंदोलन स्थल पर लगातार नारेबाजी हो रही है और लोग सरकार के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक सड़क निर्माण, पेयजल और आवागमन की समुचित व्यवस्था शुरू नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन और आमरण अनशन जारी रहेगा।




