रिपोर्टर– राजीव कुमार झा!
कार्यक्रम मे वंदना मिश्रा की सुरीली आवाज तो शंभु शिखर के हास्य काव्य से गूंज उठा मिथिला चित्रकला संस्थान
ऐंकर– मधुबनी जिले के रहिका प्रखंड अंतर्गत शौराठ गांव स्थित मिथिला चित्रकला संस्थान के 11 वें स्थापना दिवस के अबसर पर आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत निदेशक चंद्रशेखर प्रसाद सिंह, बि0प्र0से0, मिथिला चित्रकला संस्थान, मधुबनी के संबोधन से हुआ। उनके द्वारा सभी आये सम्मानित अतिथिगण, आमंत्रित कलाकारों, जिला प्रशासन से आऐ सभी पदाधिकारियों, संस्थान के सभी सम्मानित आचार्यों एवं कर्मियों, सभी छात्र-छात्राओं एवं उपस्थित सभी स्थानीय लागों एवं सम्मानित जनप्रतिनिधियों का ससम्मान स्वागत एवं हार्दिक अभिनन्दन किया गया।
तत्पश्चात, निदेशक एवं नीतीश कुमार, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी-सह-प्रभारी उप निदेशक, मिथिला चित्रकला संस्थान, मधुबनी के द्वारा 11वीं स्थापना दिवस के अवसर पर संस्थान द्वारा आयोजित अरिपन, रंगोली, लोक गायन एवं भाषण प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विजेता प्रतिभागियों को मोमेंटो एवं प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
गायन प्रतियोगिता में रूपांजलि कुमारी (माता किरण देवी) ने प्रथम स्थान, रानी कुमारी (माता गिन्नी देवी) ने द्वितीय स्थान तथा कुंदन कुमार (माता फूलों देवी) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
अरिपन/रंगोली प्रतियोगिता में बिंदी कुमारी एवं टीम ने प्रथम स्थान, दीपक कुमार एवं टीम ने द्वितीय स्थान, तथा पूजा कुमारी एवं टीम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
वही भाषण प्रतियोगिता में गोपाल झा (माता रागिनी देवी) ने प्रथम स्थान, जुली झा (माता सुनीता देवी) द्वितीय स्थान तथा शुभम राज (माता ज्योति देवी) ने तृतीय के स्थान प्राप्त किया। निर्देशक के द्वारा सभी विजेता प्रतिभागियों को उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं भेंट की गई।
इसके बाद संस्थान के छात्र-छात्राओं द्वारा एकल एवं समूह नृत्य की एक से बढ़कर एक प्रस्तुति दी गई। छात्र पवन कुमार के द्वारा काली वंदना पर विकराल नृत्य की प्रस्तुति दी गई, वहीं छात्राओं के समूह द्वारा बारहमासा नृत्य की प्रस्तुति दी गई। जिसे देख दर्शकों ने खूब तालियां बजाई।
कार्यक्रम के अगले भाग में सुप्रसिद्ध-सुविख्यात गायिका श्रीमती वंदना मिश्रा एवं उनके टीम के द्वारा राम सिया राम गायन के साथ मंच पर उपस्थित हुई। जिसे सुन पूरा संस्थान भक्ति मय हो गया। इसके बाद उनके द्वारा एक से बढ़कर एक गायन की प्रस्तुति दी गई। जिसे सुन सभी जनता मंत्र मुग्ध हो गए। निदेशक के द्वारा श्रीमती वंदना मिश्रा को पाग-दोपटा एवं मिथिला पेंटिंग भेंट कर सम्मानित किया गया।
सृष्टि फाऊंडेशन, दरभंगा के कलाकारों के द्वारा भी एक से बढ़कर एक नृत्य की प्रस्तुति दी गई। जिसे देख उपस्थित सभी दर्शक झूम उठे। निदेशक के द्वारा सृष्टि फाउंडेशन एवं उनके टीम को मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया गया।
मिथिला एवं देश-विदेश के सुप्रसिद्ध, लोकप्रिय हास्य कवि शंभू शिखर एवं उनके टीम के प्रसिद्ध हास्य कवि विकास बौखल, सुविख्यात गीतकार प्रियांशु गजेंद्र एवं प्रसिद्ध वीररस कवि, कमाल अग्नेय मंच पर उपस्थित हुए। जिन्होंने एक से बढ़कर एक शेरो-शायरी, कविताएं, चुटकुले सुनकर दर्शकों को हंसा-हंसा कर लोटपोट कर दिया। जब तक वे मंच पर रहे ताली पर ताली बजती रही। सभी उपस्थित कलाकार, स्थानीय लोग एवं जनप्रतिनिधियों ने इस कार्यक्रम को देख खूब सराहा एवं प्रशंसा की। इसके पश्चात निदेशक के द्वारा सभी को एक-एक कर मिथिला की पारंपरिक पाग-दोपटा एवं मिथिला पेंटिंग भेंट कर सम्मानित किया गया।
नीतीश कुमार, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी-सह-प्रभारी उपनिदेशक, मिथिला चित्रकला संस्थान, मधुबनी के द्वारा सभी आए अतिथियों, सम्मानित कलाकारों, स्थानीय लोगों एवं जनप्रतिनिधियों, संस्थान के पद्मश्री सम्मानित आचार्य एवं आचार्य, संस्थान के कर्मियों एवं जिला प्रशासन एवं उनके टीम के सभी लोगों को धन्यवाद एवं आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।
मंच संचालन का कार्य राजीव रंजन चौधरी के द्वारा किया गया। जिन्होंने कार्यक्रम के शुरूआत से सभी उपस्थित दर्शकों को अपनी वाणी से बांधे रखा और कार्यक्रम में ऊर्जा का संचार किया।
कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु चंद्रशेखर प्रसाद सिंह, बि0प्र0से0, निर्देशक, मिथिला चित्रकला संस्थान, मधुबनी, नीतीश कुमार, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी-सह-प्रभारी उप-निदेशक, सुरेन्द्र प्रसाद यादव, लेखा पदाधिकारी, पद्मश्री बौआ देवी, वरीय आचार्य, पद्मश्री दुलारी देवी, आचार्य, पद्मश्री शिवन पासवान, डाँक्टर रानी झा, शसंजय कुमार जायसवाल, प्रतीक प्रभाकर, डाटा इंट्री ऑपरेटर, मिथिला चित्रकला संस्थान, मधुबनी एवं संस्थान में कार्यरत अन्य कर्मियों ने अपना अहम योगदान दिया।




