रसोई गैस की कमी के निवारण हेतु कोयला आपूर्ति के लिए जिला प्रशासन सक्रिय!

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रिपोर्ट – संतोष चौहान!

सुपौल में आम जनमानस की सुविधा के लिए रसोई गैस की कमी के निवारण हेतु वैकल्पिक ऊर्जा के रूप में कोयला आपूर्ति के लिए जिला प्रशासन सक्रिय

सुपौल :- सुपौल जिला प्रशासन आम जनमानस की सुविधा के लिए विभाग से प्राप्त निदेश के आलोक में रसोई गैस (एलपीजी) की कमी के निवारण हेतु वैकल्पिक ऊर्जा के रूप में कोयला आपूर्ति किये जाने से संबंधित आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के वर्णित प्रावधान के आलोक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अन्तर्गत आच्छादित लाभुकों को जन वित्तरण प्रणाली दुकानों के माध्यम से कुकिंग कोयला का आपूर्ति एवं वित्तरण हेतु कार्यवाही की जा रही है।

इससे पूर्व खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग से प्राप्त निदेश के आलोक में जिला प्रशासन सुपौल द्वारा वैवाहिक कार्यों में उपयोग करने हेतु वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति गैस कम्पनियों के माध्यम से सुनिश्चित करवाया जा रहा है। अब वैवाहिक कार्यक्रम के साथ-साथ श्राद्ध (मृत्युभोज), मुठन, उपनयन (संस्कार), अन्य धार्मिक/सामाजिक कार्यक्रम इत्यादि कार्य हेतु भी वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति भी प्रारम्भ कर दी गई है। इसके लिए संबंधित रसोईयों / कैटरर्स को वाणिज्यिक गैस के लिए तेल कम्पनीयों के पास निबंधन कराना होगा, जिनका निबंधन संबंधित तेल कम्पनीयों द्वारा पांच से सात दिनों के भीतर करना होगा। जिन व्यक्ति को विशेष घर में कार्यक्रम है, उन्हें अपने संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी को, इस बात का स्पष्ट उल्लेख करते हुये कि उन्हें कितने वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की आवश्यकता है, और उसमें कितने लोगों के शामिल होने की संभावना है को आवेदन कर रहे हैं और अनुमंडल पदाधिकारी आकलन करके संबंधित व्यक्ति विशेष के लिए रसोईया /कैटरर्स को तेल कम्पनी के माध्यम से गैस उपलब्ध कराया जा रहा है। सुपौल जिले के अन्तरराष्ट्रीय सीमा से लगे क्षेत्रों में अवस्थित गैस एजेंसियों एवं पेट्रोल पम्पों पर सघन निगरानी रखी जा रही है। सीमावर्ती देश से पेट्रोल-डीजल के मूल्य में सापेक्षिक असमानता एवं यहाँ ईंधन की कमी को लेकर सीमावर्ती क्षेत्र पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। पाँच किलो का सिलेण्डर आसानी से और बिना पते के प्रमाण के छात्रों, युवा पेशेवरों और प्रवासी श्रमिकों को उपलब्ध कराया जा रहा है।
सुपौल जिले कुल 51 गैस एजेंसियों के पास लगभग 13983 गैस सिलेंडरों का भंडार मौजूद है, और 6152 एलपीजी सिलेंडरों के शुक्रवार को प्राप्त होने की संभावना है। कल दिनांक 23.04.2026 को लगभग 5099 उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की गई है। अभी तक 23504 उपभोक्ता को बुकिंग की गैस आपूर्ति की जानी है। जिले में प्रतिदिन औसतन 5997 ग्राहकों के मध्य घरेलु एलपीजी सिलेंडरों का वितरण किया जा रहा है। जिले के 51 गैस एजेंसियों में से 47 गैस एजेंसियों पर अभी एलपीजी गैस सिलेंडर उपलब्ध है, शेष 04 पर शीघ्र ही गैस की आपूर्ति किये जाने की संभावना है। आज अभी तक कुल 51 एलपीजी एजेन्सी में से 18 की जाँच की गई है। 17 अन्य होटलों / प्रतिष्ठानों पर एलपीजी गैस सिलेण्डरों के प्रयोग की जाँच हेतु छापेमारी की गई है। जिले में एलपीजी की उपलब्धता में लगातार सुधार हो रहा है। गैस कम्पनियों द्वारा अस्पताल एवं सरकारी संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है। जिला प्रशासन एलपीजी गैस सिलेंडरों की ससमय उपलब्धता हेतु गैस वितरक कम्पनियों से लगातार संपर्क में है।

पेट्रोल पम्पों का औचक निरीक्षण हो रहा है। 4 पेट्रोल पम्पों की जाँच की गई है। तेल कम्पनियों से समन्वय स्थापित करके लगातार पेट्रोल एवं डीजल की आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। समाहरणालय परिसर स्थित जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय, सुपौल में घरेलु एलपीजी गैस सिलेंडरों के
उठाव-वितरण के निगरानी के लिए जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। जिसका दूरभाष संख्या 06473-224005 है। शुक्रवार को जिला नियंत्रण कक्ष में 1 शिकायतें / जानकारी प्राप्त करने हेतु कॉल प्राप्त हुआ है। समी संबंधितों के शिकायतों का निष्पादन करा दिया गया है।

अभी तक घरेलु गैस के वाणिज्यिक प्रयोग/कालाबाजारी के आरोप में जिला अन्तर्गत तीन प्राथमिकी दर्ज की जा चूकी है।

आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं का निर्वाध उपलब्धता, प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा और निर्वाध ईंधन एवं एलपीजी गैस की आपूर्ति को सुचारू आपूर्ति बनाए रखने के लिए, कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने एवं वैवाहिक कार्य हेतु वाणिज्यिक LPG की आपूर्ति के लिए जिला प्रशासन, सुपौल पूरी सक्रियता से कार्य कर रहा है। जिला प्रशासन सभी लोगों से अनुरोध करता है कि आवश्यक वस्तुओं, एलपीजी गैस, पेट्रोल की जिले में कोई कमी नहीं है।

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