रिपोर्ट – पंकज कुमार!
एक विवाहिता के साथ उसके ससुराल वालों ने न सिर्फ अभद्र व्यवहार किया बल्कि निर्वस्त्र कर उसकी जमकर पिटाई की पुलिस को सूचना देने के बाद भी पुलिस को ठोस कार्रवाई अब तक नहीं कर पाई है
जहानाबाद से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने महिला सशक्तिकरण और सुशासन के दावों की पोल खोलकर रख दी है. यहाँ नगर थाना क्षेत्र के गौरक्षणी मोहल्ले में एक बेसहारा महिला को उसके ही ससुराल वालों ने हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए न केवल बेरहमी से पीटा, बल्कि उसे घर से बाहर निकाल दिया. मानवता को तार-तार करने वाली इस पूरी घटना का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें महिला के साथ की जा रही बर्बरता साफ देखी जा सकती है, उसके दो मासूम बच्चे हैं. उसका आरोप है कि पति उसे छोड़कर फरार है और वह अपने बच्चों के भविष्य के लिए संघर्ष कर रही है. उसने आत्मनिर्भर बनने के लिए नीतीश सरकार की जीविका समूह योजना से 10 हजार रुपये का कर्ज लिया और सब्जी बेचने का काम शुरू किया. लेकिन मेहनत कर अपने बच्चों को पालना उसके ससुराल वालों को नागवार गुजरा. पीड़िता का कहना है कि जब भी वह कोर्ट में चल रहे मामले की तारीख से लौटती, उसके ससुर और अन्य परिजन उसके साथ मारपीट करते थे.घटना ने क्रूरता की सीमाएं लांघ दीं. सुनीता जब कोर्ट से घर लौटी, तो उसके ससुर और अन्य लोगों ने उस पर जानलेवा हमला कर दिया. स्थानीय चश्मदीदों और मोहल्ले की महिलाओं ने जो बताया वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है. आरोप है कि ससुर ने महिला को निर्वस्त्र कर उसके साथ अश्लील हरकतें कीं और उसे जानवरों की तरह पीटा. जब महिला की चीख-पुकार सुनकर मोहल्ले के लोग इकट्ठा हुए और बीच-बचाव किया, तब जाकर उसकी की जान बच सकी. आक्रोशित लोगों ने आरोपी ससुर को पकड़कर पुलिस के हवाले भी किया था इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात पुलिस का रवैया रहा है. मोहल्ले वालों का आरोप है कि पुलिस ने आरोपी को हिरासत में तो लिया, लेकिन बिना किसी ठोस कार्रवाई के उसे छोड़ दिया. न्याय मिलने के बजाय, पीड़िता को अपने दो छोटे बच्चों के साथ पूरी रात भूखे-प्यासे सड़क किनारे गुजारनी पड़ी. प्रशासन की इस उदासीनता ने स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा पैदा कर दिया है. हालांकि, बाद में डायल 112 की टीम मौके पर पहुँची और महिला को उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर थाने ले गई है.



