रिपोर्ट- संतोष तिवारी!
मुजफ्फरपुर
ललित नारायण तिरहुत महाविद्यालय में ललित नारायण मिश्र की एक सौ तीन वीं जयंती के अवसर पर ललित नारायण मिश्र की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया गया। महाविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों ने माल्यार्पण किया। माल्यार्पण के बाद महाविद्यालय परिवार के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि ललित बाबू बिहार के सच्चे सपूत थे। उनकी दृष्टि और कल्पना का ही परिणाम है कि कोसी प्रमंडल सहित बिहार के सुदूर इलाकों में ट्रेन संचालित संभव हुआ। ललित बाबू की जयंती के अवसर पर उस दौर की राजनीति को न चाहते हुए भी याद करने को विवश हूं। यदि वे कुछ दिन और रहते तो भारत की राजनीति के वे और बड़े हस्ताक्षर होते। साथ ही बिहार का नक्शा कुछ और होता। महाविद्यालय के क ई वरिष्ठ शिक्षकों ने अपने विचार रखें। इस अवसर पर क ई छात्र छात्रों ने अपने विचार रखें। महाविद्यालय के एनसीसी के कैडेटों ने सलामी दी। मंच संचालन डाॅ. ममता और धन्यवाद ज्ञापन डाॅ. जितेंद्र कुमार मिश्रा ने किया।




