केंद्रीय बजट : कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं नवाचार से किसानों की बढ़ेगी आय-मंत्री!

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:- रवि शंकर अमित!

  • 1,70,944 करोड़ रुपये की उर्वरक सब्सिडी से देश के किसानों को होगा सीधा लाभ
  • प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन से दीर्घकालिक कृषि स्थिरता होगी सुनिश्चित
  • केंद्रीय बजट में खाद्य एवं पोषण सुरक्षा के लिए उन्नत फसल विज्ञान पर किया गया फोकस
  • किसानों के सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम है केंद्रीय बजट 2026-27

पटना, 02 फरवरी।
बिहार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा है कि केंद्रीय बजट 2026-27 किसानों के लिए काफी अच्छा है। इससे कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं नवाचार को मजबूती मिलेगी, उर्वरक सब्सिडी के जरिए किसानों को राहत मिलेगी। कृषि विज्ञान केंद्रों के सुदृढ़ीकरण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और फसल विकास को नई गति प्राप्त होगी। इससे किसानों की आय बढ़ेगी और कृषि को अधिक टिकाऊ, आधुनिक एवं लाभकारी बनाया जा सकेगा।

उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष में कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के उद्देश्य से कृषि बजट में ऐतिहासिक वृद्धि की है। कृषि क्षेत्र को मजबूती प्रदान करने के लिए कृषि विभाग का बजट बढ़ाकर 1,32,561 करोड़ रुपये कर दिया गया है। यह निर्णय किसानों की आय में वृद्धि, उत्पादन लागत में कमी तथा कृषि को आधुनिक, टिकाऊ और लाभकारी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं दूरदर्शी पहल है।
किसानों को गुणवत्तापूर्ण एवं सस्ते खाद-उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 1,70,944 करोड़ रुपये की उर्वरक सब्सिडी का प्रावधान किया गया है, जिससे उत्पादन लागत में कमी आएगी और किसानों को सीधा आर्थिक लाभ प्राप्त होगा।

कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा है कि केंद्रीय बजट में कृषि क्षेत्र के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) के सुदृढ़ीकरण पर विशेष जोर दिया गया है। सतत कृषि विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अभिनव प्रौद्योगिकियों के माध्यम से कृषि उत्पादन और उत्पादन-पश्चात तंत्र को सुदृढ़ करने का प्रावधान किया गया है। बजट में प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में भी अनुसंधान को प्राथमिकता दी गई है।

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