दलित समाज से आने वाले चीफ जस्टिस पर जूता फेंकना नींदनीय- तेजस्वी!

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रिपोर्ट- अमित कुमार!

तेजस्वी यादव ने सर्वोच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंकने की घटना की निंदा की है।

उन्होंने इसे लोकतांत्रिक और न्यायिक इतिहास की शर्मनाक घटना बताया है। तेजस्वी यादव ने कहा कि यह जूता मुख्य न्यायाधीश पर नहीं, बल्कि संविधान और बाबा साहेब अंबेडकर पर फेंका गया है। उन्होंने बीजेपी पर दलित विरोधी मानसिकता का आरोप लगाया है और कहा कि न्यायपालिका की गरिमा हमारे लोकतंत्र की रीढ़ है और इसकी रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है।

तेजस्वी यादव ने यह भी सवाल उठाया है कि क्या दलित समुदाय से आने वाले और संविधान की भावना का पालन करने वाले व्यक्ति भी संवैधानिक पदों पर सुरक्षित नहीं हैं? उन्होंने कहा कि धर्म की आड़ में कुछ लोग अपना जहर बाहर फेंक रहे हैं और संविधान व दलित विरोधी भाजपाई इस घटना पर चुप क्यों हैं?

इस घटना की व्यापक निंदा हुई है, जिसमें कांग्रेस, बीजेपी, और अन्य दलों ने भी हिस्सा लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मुख्य न्यायाधीश पर हमले की निंदा की है और कहा कि यह संविधान पर हमला है।

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