जल प्रलय से सहमे लोग बाग, नहीं मिल रहा है लोगों को आशियाना!

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ऋषिकेश

नालंदा जिले में बाढ़ का मंजर इतना भयावह है की इसका अंदाजा आप इस दृश्य को देखकर लगा सकते हैं। गौरतलब है कि झारखंड से छोड़े गए पानी का असर नालंदा जिले के सकरी, गोइठवा, जीराइन, पंचाने समेत तमाम नदियों में उफान को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है। बाढ़ की तबाही से लोग त्राहिमाम त्राहिमाम कर रहे हैं।कई जगहों पर आक्रोशितों बाढ़ पीड़ितों ने बाढ़ राहत सामग्री नही मिलने के कारण सडक़ जाम भी किया है।
बिहार के कई जिलों में बाढ़ ने कहर ढाया हुआ है। नालंदा, रहुई,अस्थावां,कतरीसराय समेत कई प्रखंड में बाढ़ से तबाही मची है। नालंदा में सकरी, जिरायन, पंचाने नदियां उफान पर है। बाढ़ का पानी निचले इलाकों तक पहुंच गया है। लगातार जलस्तर बढ़ने के कारण रहुई अस्पताल, प्रखंड कार्यालय व पंचायत सरकार भवन समेत रहुई गांव के सैकड़ो घरो में घुसा बाढ़ का पानी के चपेट में आ गया है। रहुई से बिहारशरीफ, और अस्थावां प्रखंडों जाने वाली मुख्य सड़क बाधित हो गया। बाढ़ की तबाही से 200 हेक्टेयर से ज्यादा खेतों में लगी धान, मक्के और सब्जी की फसलें डूब चुकी हैं। रहुई से बिहारशरीफ मुख्य सड़क इतासन गांव के पास पंचानवे नदी के तटबंध टूट गया है। जिला मुख्यालय विहारशरीफ के निचले इलाकों में पंचाने का पानी फैल गया है। जिला प्रशासन द्वारा राहत कार्य चलाया जा रहा हैपंचाने नदी का जलस्तर बढ़ने से रहूई बिहार शरीफ मुख्य सड़क मार्ग रहूई-अम्बा और परवलपुर बिहार शरीफ मुख्य सड़क मार्ग बाधित हो चुका है।कई जगह जलस्तर बढ़ने से तटबंध भी टूट चुके है।हालांकि प्रशासन के द्वारा लगातार बाढ़ प्रभावित इलाको में पैनी नजर बनाए हुए है।तटबंधों की बारामती का काम किया जा रहा है हालांकि पिछले 24 घंटे में बारिश कम होने के कारण कहीं-कहीं नदियों का जलस्तर घटा भी है।

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