रिपोर्ट- बिकास कुमार
सहरसा :- शशि सरोजनी रंगमंच सेवा संस्थान द्वारा 15 जून तक ग्रीष्मकालीन रंग कार्यशाला आयोजित किया जा रहा है।जिसमें बड़ी संख्या में युवा बहुत ही उत्साह के साथ प्रशिक्षण ले रहे है। स्थानीय राजकीय +2 विद्यालय जिला स्कूल में नाट्य निर्देशक कुन्दन वर्मा के देखरेख में इस 15 दिवसीय कार्यशाला में लगातार 1 जून से नाट्य निर्देशक मोहित मोहन, रितेश परमार,निहारिका कृष्ण अखौरी नाट्य के विभिन्न पहलुओं का प्रशिक्षण दे रहे है। इस दौरान प्रतिभागियों को अभिनय में शब्दों के उच्चारण, कहानी मंचन, भाव व भंगिमा पर अभ्यास कराया जा रहा है।उन्होंने कहा कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन अपने स्वयं एकात्म होकर अपने चरित्र का प्रदर्शन करते है।वही दर्शक और समाज इसे हजार आंख सें देखकर उसके चरित्र पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त कर कलाकार को प्रसिद्धि दिलाती है।इसलिए तो कहा गया।कला साहित्य अभिनय संगीत समाज का दर्पण होता है।जो कलाकार की साधना व समाज की अक्षुण्ण परमपरा आज भी जीवंत है।उन्होंने बताया कि कार्यशाला का समापन 15 जून को होगी।




