पंकज कुमार जहानाबाद ।
जहानाबाद में साइबर फ्रॉड के कारनामे के अजीबो गरीब मामला सामने आया है. जिसे लेकर पुलिस भी उलझन में पड़ गई है. दरअसल एक साइबर फ्रॉड के मामले में पटना पुलिस जहानाबाद पहुंची. लेकिन पुलिस जिस लड़की को साइबर फ्रॉड के सहयोगी समझ रही थी वह खुद पीड़ित मिली. बताया जा रहा है कि गत आठ मार्च को पटना के शास्त्री नगर थाना के रामनगरी मोहल्ला निवासी मो. ताबिश की साली एटीएम से पैसे की निकासी करने गई थी लेकिन इसी बीच साइबर फ्रॉड ने उसका एटीएम कार्ड बदल दिया. उसके बाद उसके एटीएम से पहली बार 25 हजार की निकासी कर ली. फिर साइबर फ्रॉड ने 60 हजार की शॉपिंग कर एक घड़ी की खरीदारी की और उसके बाद दूसरे दिन 25 हजार की निकासी की. इस तरह से ताबिश के खाते से एक लाख 34 हजार की निकासी हुई. इस बात की जानकारी जब मैसेज के माध्यम से मो. ताबिश को मिली तो वह आनन फानन में पुलिस के पास शिकायत दर्ज करने पहुंचा. पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुट गई. जांच के दौरान यह पाया गया कि इस एटीएम से जहानाबाद शहर के देवरिया मोहल्ले की रहने वाली वर्षा ऋतु नामक एक लड़की के अकाउंट में एटीएम से एटीएम 25 हजार भेजे गए हैं. इसे लेकर पटना पुलिस एसआई सुरेंद्र कुमार ने 17 मार्च को वर्षा ऋतु से फोन पर बात कर इस बात की जानकारी लेने की कोशिश की आपके खाते में 25 हजार साइबर फ्रॉड के माध्यम से भेजे गए हैं तो वह पुलिस के इस फोन को साइबर अपराधियों का फोन समझ झाड़ लगा दी. जिससे पुलिस को यह आशंका हुई की वर्षा ऋतु भी साइबर फ्रॉड से मिली हुई है. उसकी तलाश में पटना पुलिस पहुंची.
इधर वर्षा ऋतु ने पुलिस के इस फोन को साइबर फ्रॉड का कॉल समझ बैंक में अपना बैलेंस जांच के लिए आई तो उसके होश उड़ गए. उसके अकाउंट में जमा दो लाख की निकासी कर ली गई थी. लड़की बैंक के पास ही रोने चिल्लाने लगी. इसी बीच उसकी तलाश करती हुई पटना पुलिस भी वहां पहुंच गई. फिर पुलिस को जिस स्थिति का सामना करना पड़ा उसे देख लोग दंग रह गए. पुलिस जिसे साइबर फ्रॉड का सहयोगी समझ रही थी वह खुद उसके शिकार हो चुकी थी.




