रिपोर्ट- अमित कुमार!
शब-ए-बारात को लेकर गुरुवार देर शाम मुसलमानों ने मजारों एवं कब्रिस्तानों पर जाकर इबादत की. अपने पूर्वजों को याद किया. रात भर जागकर इबादत की. इस मौके पर मजारों व दरगाहों को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया . बच्चों व युवाओं ने आतिशबाजी भी की. शब ए बारात मनाया शब-ए-बारात की रात अल्लाह की रहमत बरसती है. मुसलमान रात भर जागकर कुरान की चर्चा करते हैं. अल्लाह से गुनाहों की माफी मांगते हैं. दुनिया से रुखसत हो चुके लोगों के लिए दुआ करते हैं. बंदों की दुआओं को अल्लाह कबूल करते हैं.




