:-पंकज ठाकुर के साथ अश्विनी श्रीवास्तव की रिपोर्ट

मृत मुखिया के पिता ने सुनियोजित तरीके से हत्या करने का लगाया आरोप !
बाइक सवार मुखिया पंचायत के ग्रामीणों के बीच जनसंपर्क कर लौट रहे थे घर !
बांका(बिहार) : पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी होते ही यहां चुनावी रंजिश खूनी कहानी में तब्दील होने लगी है। बांका जिला के अमरपुर प्रखंड के भरको पंचायत के निवर्तमान मुखिया व पूर्व के सक्रिय आर0टी0आई0 कार्यकर्ता प्रवीण झा की सड़क दुर्घटना में दर्दनाक मौत हो गयी है। चुनावी रंजिश इस घटना को सड़क दुर्घटना नहीं बल्कि जानबूझकर सुनियोजित तरीके से हत्या करने की वाक्या साबित भी कर रही है। बाइक सवार मुखिया प्रवीण झा भरको से जनसंपर्क कर अपने घर बाजा लौट रहे थे, इसी बीच भरको के ही राजीव चौधरी के बोलेरो की चपेट में आने से घटना घटी है। आरोप तो यह भी है कि उक्त बेलेरो से पहली बार बाइक सवार मुखिया को धक्का मारने के बाद उनकी मौत नहीं हुई तो, बैक कर बोलेरों के वाहन चालक ने दुबारा पुनः बाइक सवार को धक्का मार दिया। इसके बाद पूर्व मुखिया की मौत को लेकर आश्वस्त होने के बाद वह बोलेरो लेकर भागने लगा। इस बीच ग्रामीणों ने खदेड़ के सिमरा पूल से बोलेरो को पकड़ लिया। घटना के बाद से पिता सहित परिवार के अन्य सदस्य का रोते-रोते बुरा हाल है। इस घटना की प्राथमिकी अमरपुर थाना में दर्ज कर ली गई है। पूर्व मुखिया के पिता भूपेंद्र झा ने अपने पुत्र की हत्या करने का आरोप पंचायत के ही जनवितरण दुकानदार राजीव चौधरी पर लगाया है। उन्होंने बताया कि मेरा बेटा भरको से ग्रामीणों से जन संपर्क कर घर लौट रहा था, इसी बीच राजीव चौधरी अपने बोलेरो से लगातार तीन बार धक्का मारा, मौत के प्रति आश्वस्त होने के बाद वह भागने लगा, इसके बाद ग्रामीणों ने खदेड़ कर उसे पकड़ लिया। पूर्व मुखिया मृतक प्रवीण के पिता का कहना है कि मेरा बेटा पंचायत के मुखिया के नाते जनवितरण के लाभुकों के पक्ष में जनवितरण दुकानदार का अक्सर विरोध किया करता था। कहा तो यह भी जा रहा है कि पूर्व मुखिया स्वर्गीय झा जब आरटीआई कार्यकर्ता थे, तब दो बार उपभोक्ताओं की हकमारी का मामला सामने लाकर डीलर की लाइसेंस भी रद्द करवा चुके थे। इसकी खुन्नस जन वितरण प्रणाली के विक्रेता को पूर्व से थी। इधर जन वितरण प्रणाली का विक्रेता भी इस बार इसी पंचायत का मुखिया उम्मीदवार भी बनने वाला था। बहरहाल यह दुर्घटना है या जानबूझकर हत्या की एक साजिश है, यह तो पुलिसिया जांच के बाद ही साबित होगा, लेकिन अमरपुर थाना में पूर्व मुखिया मृतक प्रवीण झा के पिता के आरोप के बाद प्राथमिकी दर्ज होते ही जन वितरण प्रणाली के विक्रेता के साथ-साथ उनके भाई भावी मुखिया उम्मीदवार भी कानूनी शिकंजे में आ गए हैं। मृतक प्रवीण के पिता भी यह मान रहे हैं कि इसी खुन्नस की वजह से जानबूझकर इस घटना को अंजाम दिया गया है। इधर फिलहाल इस संबंध में स्थानीय पुलिस कुछ भी बोलने से बचती रही। बहरहाल इस घटना की उच्चस्तरीय जांच के बाद ही मामला पूरी तरह खुलकर सामने आ सकती है। यह और बात है कि पंचायत चुनाव के ऐन मौके पर ऐसी वारदातें पंचायत चुनाव को संवेदनशील ही नहीं, अति संवेदनशील हालात बनाने के लिए काफी है।




