रिपोर्ट- सुमित कुमार!
आदिवासियों के महत्वपूर्ण सोहराय पर्व पर मंदार की थाप पर थिरके ग्रामीण , देवी देवताओं पर मुर्गे की बलि देकर महुआ शराब चढ़ाने की है परंपरा।
मुंगेर में आदिवासियों का महत्वपूर्ण त्यौहार सोहराय पर्व को धूमधाम से मनाया गया। हवेली खरगपुर प्रखंड के पहाड़पुर गांव में आदिवासी समाज अपने इस मुख्य त्यौहार को पूरे हर्षौल्लास के साथ मनाने में जुटे हैं। वही दिन में गांव के लोगों ने एक टोली निकालकर पूरे गांव का भ्रमण किया तथा ढोलक , मंदार और हारमोनियम के साथ पारंपरिक गीतों के साथ भ्रमण किया। इस दौरान सभी मंदार की थाप और पारंपरिक गीत पर झूमते दिखे।
ग्रामीणों ने बताया कि हम लोगों का यह सोहराय पर्व सबसे महत्वपूर्ण है। इसमें हम लोग अपने देवता बुढ़ा बूढ़ी स्थान में मुर्गे की बलि देने और घर में बने शराब चढ़ाने की परंपरा है। इसके बाद हम लोग मुर्गे के मांस को प्रसाद रूप में ग्रहण करते हैं तथा पूरे गांव में भ्रमण कर एक दूसरे को सोहराय पर्व की शुभकामनाएं और बधाई देते हैं।हमलोग इस पर्व का एक साल तक इंतजार करते हैं और इस त्यौहार में पूरे आदिवासी समाज बड़े ही धूम धाम और उमंग के साथ मनाते हैं।
बाइट – चन्द्र किशोर बास्की ग्रामीण
बाइट – ग्रामीण




