मधुबनी- कैमरे में हुआ कैद जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र में अवैध उगाई का खेल!

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रिपोर्टर — राजीव कुमार झा

कैमरे में हुआ कैद जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र में अवैध उगाई का खेल, लिया जाता है रिश्वत, प्रखंड प्रशासन मौन

रिश्वत नहीं देने पर हाथ से छीनते हैं कार्यपालक सहायक जन्म- मृत्यु प्रमाण पत्र की काँपी

जन्म प्रमाण पत्र में लिया जाता है तीन सौ रुपए

मधुबनी जिले के हरलाखी प्रखंड मुख्यालय उमगांव में विभागीय कर्मियों की मिलीभगत से प्रखंड मुख्यालय में रिश्वत का खेल चलता है।कार्यपालक सहायक अशोक कुमार के द्वारा जन्म प्रमाण पत्र व मृत्यु प्रमाण के एवज में अवैध उगाही की जा रही है। प्रखंड मुख्यालय उमगांव में कार्य पालक सहायक (डाटा एंट्री ऑपरेटर) अशोक कुमार जन्म प्रमाण पत्र की एवज में तीन सौ रुपए रिश्वत मांग की। सबसे हैरत की बात यह की प्रखंड मुख्यालय में कार्यपालक सहायक अशोक कुमार जन्म प्रमाण पत्र में निर्भीक होकर रिश्वत लेते हैं।रिश्वत नहीं देने पर हाथ से कागज भी छीन लेते हैं। जन्म प्रमाण पत्र के एवज कार्यपालक सहायक अशोक कुमार तीन सौ रुपए की डिमांड करते हैं। फिर जितना तक सौदा तय हो जाए। एक सौ, दो सौ, तीन सौ रूपया तक लिया जा रहा है। वही मृत्यु प्रमाण पत्र में सात सौ से आठ सौ रुपए तक लिया जा रहा हैं। जिसका खुलासा ग्रामीणों की शिकायत पर सोनभद्र स्ट्रिंग हुआ खुलासा हुआ है। यह अवैध उगाही का खेल प्रखंड विकास पदाधिकारी के ऑफिस से महज थोड़ी ही दूरी पर चलता है। लेकिन प्रखंड प्रशासन को भनक तक नहीं है।

सोनभद्र स्ट्रिंग की टीम ने वहां पर मौजूद कई फरियादियो से बात चीत की। फरियादियो ने बताया रिश्वत नहीं देने पर हाथ से कागज भी छीन लिया जाता है। वहीं हरलाखी से आए ललन प्रसाद भगत ने बताया जन्म प्रमाण पत्र में तीन सौ रुपए की मांग की जा रही थी। बाद में एक सौ रुपए लिया गया। वहीं गोपालपुर गांव से आए अशोक कुमार साफी ने बताया तीन सौ रुपए की डिमांड किया जा रहा था। कितना कहने के बाद एक सौ रुपए लिया गया। वहीं किसी फरियादि से तीन सौ रुपए भी लिया जा रहा था। एक सौ, दो सौ, तीन सौ रुपए रिश्वत निर्भीक होकर ले रहे थे। प्रखंड मुख्यलाय उमगांव में जन्म प्रमाण पत्र व मृत्यु प्रमाण पत्र में रिश्वत का खेल कैमरे में कैद हो गया।

जन्म प्रमाण पत्र में सिंगनेचर करवाने के बाद मांगते हैं रिश्वत

प्रखंड मुख्यालय उमगांव में कार्यपालक सहायक अशोक कुमार फरियादी से कागज पर हस्ताक्षर करवाने के बाद रिश्वत का डिमांड करते हैं।

फरियादी ललन प्रसाद भगत व कार्यपालक सहायक अशोक कुमार के बात चीत की कुछ अंश।

कार्यपालक सहायक: तीन सौ रुपया देबई के परत

फरियादी: तीन सौ रुपए

कार्यपालक सहायक: जी हां

फरियादी: रुपया देना ही पड़ेगा

कार्यपालक सहायक: देना ही पड़ेगा, देबई नई

फरियादी: सरकारी काम में पैसा

कार्यपालक सहायक: देना पड़ेगा

फरियादी: हम कहई छलियई या पाई नई लगई छई

कार्यपालक सहायक: पाई लगई छई

फरियादी: यऊ सर एक सौ
कार्यपालक सहायक: नई यऊ, तीन सौ

फरियादी: गरीब आदमी छी

कार्यपालक सहायक: हम कौन अमीर छी

फरियादी: अहा गरीब थोड़ी छी सरकारी नौकरी वाला छी

क्या कहते हैं बीडीओ
इस संबंध में बीडीओ रवि शंकर पटेल ने कहा मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है। आप हम से एक बार मिलिए।

क्या कहते हैं एसडीएम

इस संबंध में बेनीपट्टी एसडीएम मनीषा ने बताया वीडियो मुझे भेज दीजिए। एक बार बीडीओ को भी मामले की जानकारी दे दीजिए।

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