जख़्मी युवक की ईलाज के क्रम में मौत, अस्पताल पर लापरवाही के आरोप में परिजनों का जमकर हंगामा!

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रिपोर्ट- संतोष चौहान!

दुर्घटनाग्रस्त युवक की ईलाज के दौरान हुई मौत,परिजनों ने डॉ० पर दारू पीकर इलाज करने का लगाया आरोप चार थानों की पुलिस मौके पर पहुंचकर हंगामा को किया शांत।

सुपौल :- वीरपुर अनुमंडलीय अस्पताल में बुधवार की संध्या दुर्घटनाग्रस्त युवक की ईलाज के दौरान हुई मौत। परिजनों ने डॉ० पर दारू पीकर इलाज करने का आरोप लगाते हुए अस्पताल में जमकर हंगामा किया। जानकारी अनुसार बसंतपुर प्रखंड के बेरीयाकमाल वार्ड 6 निवासी 19 वर्षीय मो० अरबाज बलभद्रपुर से अपना घर वापस आ रहा था , जहां रास्ते में एक अज्ञात मोटरसाइकिल ने उसे ठोकर मार दी। जिससे वो दुर्घटनाग्रस्त हो गया। सूचना पर घायल के परिजन मौके पर पहुंचे और उसे ईलाज के लिए वीरपुर अनुमंडलीय अस्पताल लाया गया। जहां मृत युवक अरबाज की मां बीबी खातून ने बताया कि जब वो अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टर शैलेन्द्र दिपक दारू पी रहे थे। जब उसे ईलाज के लिए बुलाया तो वो 2 घंटे विलंब से पहुंचे और एक इंजेक्शन दिया जिसके तुरंत बाद ही मेरे बेटे की मौत हो गई। वही डॉक्टर अस्पताल छोड़कर फरार हो गया। बता दें कि युवक की मौत होने के बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया और तोड़ फोड़ की, जहां अस्पताल के गेट में लगें सीसे को फोरा गया, साथ ही अस्पताल में लगे कम्प्यूटर को भी क्षतिग्रस्त किया गया।

हंगामे के बीच फरार हुए डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी,
परिजनों के हंगामे के बीच अस्पताल में मौजूद डॉक्टर शैलेंद्र दीपक सहित तमाम स्वास्थ्यकर्मी मौके से फरार हो गए। परिजनों का हंगामा करीब 3 घंटे तक चला। इस बीच वीरपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। जिसमें एक दारोगा और कुछ महिला सिपाही शामिल थे। हालांकि भीड़ के हंगामे के बीच पुलिस टीम भी बेबस नजर आई। बाद में एसडीएम नीरज कुमार, एसडीपीओ सुरेंद्र कुमार, वीरपुर थानाध्यक्ष राजकिशोर मंडल, भीमनगर थानाध्यक्ष दीपक कुमार, रतनपुर थानाध्यक्ष कृष्णा कुमार सिंह, बलुआ थानाध्यक्ष मनीषा चक्रवर्ती सहित तमाम अधिकारी मौके पर पहुंचे। जिसके बाद परिजनों को समझा बुझा कर हंगामा को शांत कराया गया।
इस मामले में पूछे जाने पर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉक्टर शैलेन्द्र दीपक ने बताया कि उक्त मृतक का एक्सीडेंट शाम पांच बजे हुआ था जिसे अस्पताल लाया गया तो प्राथमिक उपचार के बाद उसे रेफर कर दिया गया था। जहाँ हाय्यर सेंटर ले जाने के क्रम में ही रास्ते में ही उसकी मौत हो गई थी। फिर भी उसे अस्पताल लाया गया और असामाजिक तत्वों की मदद से बेतुका बयानवाजी की गई और अस्पताल में तोड़फोड़ भी की गई। जिसको लेकर संज्ञान लिया जा रहा है। सिसिटीवी फुटेज के आधार पर तत्काल एक नामजद व 50 अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि घटना के समय की सभी वरदातें अस्पताल के विभिन्न कैमरे मे कैद है। जिसका मदद लिया जाएगा और मामले मे आरोपियों की संख्या में बढ़ोतरी हों सकती है।
सिविल सर्जन बोले- तोड़फोड़ को लेकर होगी एफआईआर,
इधर, सिविल सर्जन डॉ० ललन कुमार ठाकुर ने बताया कि हंगामें की जानकारी मिली है। मरीज को रेफर किया गया था, लेकिन रास्ते में उसकी मौत के बाद परिजन शव को लेकर दोबारा अस्पताल पहुंचे और तोड़फोड़ की। कई कंप्यूटर सहित अन्य सामान क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसको लेकर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया गया है। वही लापरवाही के आरोपों के बाबत भी जांच के निर्देश दिए गए हैं।

वही एसडीओ नीरज कुमार ने कहा कि पीड़ित द्वारा लिखित आवेदन दिया गया है, मामले की जांच की जा रही है। जो भी दोषी पाएं जाएंगे उन पर कार्यवाही की जाएगी।

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