रिपोर्ट- अमित कुमार!
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने जम्मू-कश्मीर में हुए हमले को लेकर विपक्ष पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और तेजस्वी यादव पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने देश की सुरक्षा, हिंदू त्योहारों की अहमियत, और अपने स्वाभिमान यात्रा के दौरान हुए विवादों पर भी विपक्ष को जवाब देने के लिए कहा। गिरिराज सिंह ने सीधे तौर पर विपक्ष पर हमले के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया और जनता को इन बयानों के आधार पर सचेत किया। आइए जानते हैं उनके प्रमुख बयान।
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जम्मू-कश्मीर में हुए हालिया हमले को लेकर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने विपक्ष को जमकर निशाना बनाया। उन्होंने कहा, “मैंने शुरू से कहा है, जब रोपे पेड़ बबूल का तो आम कहां से आए। जो लोग राहुल गांधी के साथ खड़े हुए, फारूक अब्दुल्ला के साथ खड़े हुए, और पाकिस्तान की बात करते हैं, उनके साथ खड़ा रहेंगे तो इसका परिणाम भी वही होगा।” उन्होंने राहुल गांधी से इस स्थिति का जवाब देने की मांग की।
प्रियंका गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “प्रियंका गांधी को उत्तर प्रदेश में जंगल राज दिखाई देता है, जबकि अपने ही राज्यों में उन्हें कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में कुछ और नहीं दिखता।”
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) में हिना शाहब के शामिल होने पर उन्होंने लालू यादव पर भी तंज कसते हुए कहा, “बिहार की जनता को अच्छा संदेश दिया है लालू जी ने कि मैं सारे 2006 के पहले का सारा चीज व्यवस्थित कर रहा हूं।”
दीपावली और छठ जैसे महत्वपूर्ण त्योहारों पर शिक्षकों की छुट्टियों में कटौती को लेकर भी गिरिराज सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “दीपावली और छठ हिंदुओं का सबसे बड़ा त्यौहार है, और सरकार को इसका ख्याल रखना चाहिए।”
गिरिराज सिंह ने अपनी स्वाभिमान यात्रा पर भी सफाई देते हुए कहा कि उनकी नियत साफ थी। उन्होंने तेजस्वी यादव पर आरोप लगाया कि दंगे का माहौल बनाने का काम उन्होंने किया। गिरिराज सिंह के अनुसार, “तेजस्वी यादव ने उस दिन ईट से ईट बजाने की बात कही थी और उसी दिन अररिया में हुरदंग मचा। यह बता रहा है कि तेजस्वी जी क्या चाहते थे।”
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के ये बयान विपक्ष के लिए कई सवाल खड़े करते हैं और राज्य की राजनीति में नई बहस को जन्म दे रहे हैं।




