अविनाश कुमार

सीतामढ़ी के परिहार प्रखण्ड का लहुरिया पंचायत बीते दो तीन महीने से बरसात और बाढ़ का दंश झेल रहा है।सैकड़ों एकड़ में लगी धान का फसल पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है।लोगों के घरों में पानी घुस जाने की वजह से निकलना भी मुश्किल हो गया है।सरकार के द्वारा अब तक सिर्फ दो किलो चूड़ा और चीनी ही एक बार मिल पाया है।जानवरों के चारा के लिये भी लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। अगर आप स्थानीय लोगों की माने तो वह सारा इल्जाम स्थानीय प्रशासन पे लगा रहे हैं। पिछले कई महीनों से मरहा नदी में बांध का काम चल रहा था। अब तक तीन ठेकेदार काम छोड़कर भाग चुके हैं । स्थानीय मजदूरों का भी पैसा लेकर भाग गए। अगर वक्त रहते इन लोगों ने बांध मरम्मत कर दिया होता तो नदी अपना रुख नहीं मोड़ती और इतनी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता। इसमें साफ तौर से बांध को बना रहे जेई इंजीनियर और ठेकेदारों की लापरवाही की वजह से काम पूरा नहीं हो सका।




