रिपोर्ट- आशुतोष पांडेय!
आरा।
शहर के एसबी कॉलेज के सभागार में बिहार केसरी डॉ श्रीकृष्ण सिंह की 137 वीं जयंती समारोह पूर्वक मनाई गयी। कार्यक्रम का उद्घाटन विधायक अनिल कुमार सहित अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर किया।अध्यक्षता डॉ श्रीकृष्ण सिंह स्मृति न्यास परिषद के अध्यक्ष पूर्व प्राचार्य प्रो राम बहादुर शर्मा ने की। मंच संचालन वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के पीजी भोजपुरी विभागाध्यक्ष प्रो दिवाकर पांडेय ने किया। मंगला चरण रांची यूनिवर्सिटी के हिंदी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो जंग बहादुर पांडेय ने किया। मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री सह विधायक अनिल कुमार ने कहा कि बिहार केसरी श्रीकृष्ण सिंह आधुनिक बिहार के निर्माता थे।आजादी के बाद बिहार में उद्योग,पुल, नहरों आदि का विकास और विस्तार कर उन्होंने इसे देश का अग्रणी राज्य बना दिया।कहा कि वे अपने त्याग, बलिदान और साहसिक कार्यों से बिहार की जनता के हृदय सम्राट थे।अध्यक्षता करते हुए प्रो राम बहादुर शर्मा ने कहा कि श्री बाबू हमारे गौरव स्तंभ है।उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
परिषद के सचिव डॉ नथुनी पांडेय ने कहा कि बिहार के निर्माण और राजनीतिक निर्णय लेने में बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. श्री कृष्ण सिंह की बड़ी भूमिका रही है।प्रो जंग बहादुर पांडेय ने कहा कि
उन्होंने जमींदारी प्रथा का उन्मूलन और लैंड सीलिंग जैसे बड़े और साहसिक कार्य किए थे। उन्होंने बड़े-बड़े कल कारखाने के द्वारा बिहार का आधुनिक निर्माण किया था। अबतक उनको भारत रत्न नहीं दिया जाना चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि श्रीबाबू को बहुत पहले भारत रत्न मिल जाना चाहिए था। अन्य वक्ताओं ने कहा कि श्री बाबू स्वतंत्रता संग्राम अजेय योद्धा थे। मौके पर प्राचार्या डॉ पूनम कुमारी,प्रो रविंद्र नाथ राय, प्रो नंद जी दुबे, प्रो बलिराज ठाकुर, जितेंद्र कुमार, बीड़ी सिंह, अधिवक्ता सज्जन कुमार, अंकित कुमार राय, शुभम् कुमार, किरण कुमारी, डॉ रेणु मिश्रा, डॉ सद्दाम हुसैन, डॉ एम के गिरी, डॉ विंकटेश, रमेश राय, कृष्ण भास्कर, अनिल राय आदि थे। धन्यवाद ज्ञापन मुक्तेश्वर उपाध्याय ने किया।भगिनी निवेदिता विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया।




