डेढ़ वर्ष बाद स्कूल पहुचे नौनिहाल, शिक्षको ने फूल वर्षा कर किया स्वागत!

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नालंदा से ऋषिकेश

कोविड 19 के बजह से बंद स्कूल 161 दिनों के बाद खुला, बच्चों के चेहरे पर दिखी रौनक!

कोविड महामारी के बजह से सरकारी स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई बंद था। करीब बाद डेढ़ वर्ष बाद सोमवार को बच्चों कि पढाई के लिये खोला गया।रहुई के प्राइमरी सह माध्यमिक स्कूल सोसन्दी के शिक्षकाओं ने स्कूली बच्चों को स्कूल के गेट पर आरती उताकर स्वागत किया।वहीं चेतना सत्र के दौरान फूलों की वर्षा कराकर बच्चों को स्वागत किया गया।बीईओ अशोक कुमार पोद्दार बताया कि डेढ़ साल बाद नौनिहाल स्कूली बच्चों का स्कूल प्रबंधन के द्वारा मनोबल को बढ़ाते हुए बच्चो के ऊपर पुष्प वर्षा की गई और बच्चो की आरती भी उतारी गई। क्लास रूम में प्रवेश करने से पहले बच्चों को गुलाब का फूल भी भेंट किया गया। विद्यालय के प्रधानाध्यापक निशांत आलम ने बताया कि इतने दिनों के बाद बच्चे स्कूल आने के प्रति काफी व्याकुल दिखे।व्याकुलता को देखते हुए बच्चों को स्कूल में प्रवेश करने से पूर्व थर्मल स्क्रीनिंग, हाथों को अच्छी तरह से सिनेटाइज किया गया। बच्चों को प्रार्थना के वक्त राष्ट्रीय गान के वक़्त शिक्षको के द्वारा पुष्पवर्षा की गई। पुष्प वर्षा होने के बाद बच्चे काफी आनंदित दिखे। इसके पूर्व पहली लहर में भी बच्चों को इसी तरह से स्कूल खुलने के बाद स्वागत किया गया था। उस वक्त बच्चे काफी उत्साहित थे इसलिए इस बार भी स्कूल प्रबंधन के द्वारा यह निर्णय लिया गया स्कूल खुलने के वक्त बच्चों के मनोबल को इसी तरह से पुष्प वर्षा की जाएगी। बच्चों को चॉकलेट कलम भी दिया गया। इतना ही नहीं बच्चों को कोरोना स बचने के लिए कई तरह के उपाय भी बताए जा रहे हैं। 16 अगस्त के दिन सरकार के द्वारा दिए गए गाइड लाइन के अनुसार स्कूल को खोला गया।कोरोना गाइड लाइन के तहत 50 प्रतिशत ह बच्चो को स्कूल में आने की अनुमति है। वही स्कूल में पढ़ने आए छात्र-छात्राओं ने बताया कि 161 दिन के बाद आज हम लोग का स्कूल पुनः खुल गया है। हम लोगों के ऊपर पुष्प बारिश की गई,आरती भी उतारी गई और बच्चों के मनोबल को बढ़ाने के लिए एक एक गुलाब का फूल भी उपहार स्वरूप भेंट किया गया। छात्र-छात्राओं ने बताया कि इसके पूर्व में भी हम लोग को व्हाट्सएप के माध्यम से घर बैठे पढ़ाया जा रहा था। छात्र-छत्राओं ने बताया कि स्कूल में हम लोग को पढ़ाई के साथ-साथ कोविड से बचने के लिए उपाय बताया जा रहा है।
छात्र-छात्राओं ने कहा कि कोविड से डरने की जरूरत नहीं है बल्कि सावधान रहने की जरूरत है।

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