जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल की कुव्यवस्था को लेकर नागरिक मंच के बैनर तले धरना।

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रिपोर्टर-राजीवरंजन।

मधेपुरा के जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल की कुव्यवस्था को लेकर नागरिक मंच के बैनर तले एक दिवसीय धरना।

मधेपुरा के जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल काॅलेज अस्पताल की कुव्यवस्था और विभिन्न समस्याओं को लेकर आज नागरिक मंच के तत्वाधान में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन आयोजित हुई। जहां धरना में बड़ी संख्या में आमलोग और विभिन्न राजनीतिक पार्टी के लोग शामिल हुए। लोगों ने कहा कि JNKT मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफरल अस्पताल बन कर रह गया है। लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही है। मधेपुरा में मेडिकल काॅलेज अस्पताल बनने से खासकर कोसी और सीमांचल के लोगों में एक उम्मीद जगी थी कि कोसी, सीमांचल के मरीजों को मजबूरी में भी बाहर नहीं जाना पड़ेगा। लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। यहां इलाज के लिए आने वाले मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही है। यहां सुपर स्पेशलिस्ट तो दूर की बात है स्पेसलिस्ट सुविधा भी नहीं मिल पाती है। कुल मिलाकर इलाज की जो सुविधा पहले से सदर व रेफरल अस्पताल में मिलती है वहीं सुविधा मेडिकल कॉलेज में अभी मिल रही है। इमरजेंसी हो या किसी गंभीर प्रकार के बीमारी की बात मेडिकल काॅलेज जाने के बाद उसे डीएमसीएच,पीएमसीएच आदि जगहों पर रेफर कर दिया जाता है। इन्हीं मुद्दों को लेकर नागरिक मंच के तत्वधान मे मेडिकल काॅलेज के सामने विशाल धरना प्रदर्शन कर स्थानीय लोग सरकार से मेडिकल कॉलेज अस्पताल में विशेष सुविधा की मांग कर रहे हैं। दरअसल 800 करोड़ से अधिक की लागत से बनी यह मेडिकल कॉलेज अस्पताल केवल सेल्फी प्वाइंट और रेफरल अस्पताल बनकर रह गया है। स्पेशलिस्ट डॉक्टरों, विभिन्न प्रकार की जांच एवं दवाइयों की भारी कमी है। ओपीडी और इमरजेंसी में सभी विभागों के सीनियर डॉक्टर नहीं है और जितने है भी उनकी भी उपस्थिति नहीं देखी जाती है। सभी विभागों में विशेषज्ञ डॉक्टरों का अभाव है। चिकत्सा के लिए आवश्यक उपकरण का भी घोर अभाव है। 2 साल से अल्ट्रासाउंड आदि जांच बंद पड़ा है। लोगों ने सरकार से विभिन्न समस्याओं का निजात हेतु अपनी 11 सूत्री मांग रखी है । वहीं धरना पर मौजूद समाज सेवी प्रमोद प्रभाकर ने कहा कि अगर हमारी मांगे सरकार नहीं मानती है तो इस दिशा में आंदोलन और तेज की जाएगी। बाइट: प्रमोद प्रभाकर,समाजसेवी।

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