भ्रष्टाचार के खिलाफ आमरण अनशन पर बैठे मुखिया जी, बोले मनरेगा समेत सरकारी योजनाओं में लूट चरम पर।

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रिपोर्ट/मनोज कुमार/नवादा

जिले में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वन में गड़बड़ी और कई योजनाओं में बगैर काम कराए राशि की निकासी और पंचायत में हुए व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ मुखिया ने अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू कर दिया है।
रोह प्रखंड के कोसी रूखी पंचायत में मनरेगा समेत कई योजनाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रखंड कार्यालय में मुखिया आमरण अनशन पर बैठ गए हैं।
मुखिया अरविंद गुप्ता ने बताया कि भ्रष्टाचार चरम पर है। पंचायत में मनरेगा समेत सरकारी योजनाओं में बगैर काम कराए सरकारी राशि की निकासी कर ली गई है। इसके खिलाफ पदाधिकारी को जांच के लिए कई बार आवेदन भी दिया लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई ।
मुखिया ने बताया कि वरीय अधिकारियों को पंचायत में हुए भ्रष्टाचार की लिखित शिकायत के बाद भी सार्थक पहल नहीं किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। विकट स्थिति उत्पन्न होने पर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन का रास्ता चुनना पड़ा। मुखिया की मांग है कि टीम का गठन कर पंचायत में सरकारी योजना से किए गए कार्य की निष्पक्ष जांच करायी जाए।
उन्होंने कहा कि आवास योजना की राशि लाभुकों को न देने की बजाए आवास सहायक एवं संबंधित अधिकारी द्वारा राशि का गबन कर लिया गया। प्रशासन को आवेदन देकर गांव के ही दबंग द्वारा जान पर खतरा की आशंका जाहिर करते हुए अपनी जानमाल की सुरक्षा की गुहार लगाई थी।
इधर, मुखिया समेत पूरे परिवार पर जान पर खतरा मंडराने लगा है, जिसकी सूचना देने के बाद भी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हुई है। मुखिया ने कहा कि जब तक भ्रष्टाचार की जांच नहीं होती है और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती है, तब तक वह चुप नहीं रहने वाले हैं।
बता दें कि मुखिया ने पंचायत में सरकारी योजना से किए गए कार्य की निष्पक्ष जांच के लिए अनिक्षचितकालीन आमरण अनशन शुरू किया है। मुखिया का साफ कहना है कि जब तक निष्पक्ष जांच नहीं हो जाती, उनका अनशन जारी रहेगा।

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