रिपोर्टर — राजीव कुमार झा!
मामला मधुबनी जिले के लौकही थाना क्षेत्र स्थित मझौरा गांव की है। घटना 1/9/012 की है जहां गांव के बद्री मंडल दिन में अपनी 10 वर्षीय पुत्री मीना के साथ खेत में खेती कार्य करने के बाद पुत्री को खेत में ही खेती का कार्य करते छोर दिए और घर चले आए। बगल के खेत में बद्री मंडल का रिश्ते का भतीजा शंभू मंडल घास काट रहा था। जब शंभू मंडल घर वापस आया तो बद्री मंडल अपनी पुत्री मीना के नही आने का कारण पूछा तो शंभू मंडल ने बताया मीना नही आई । इसके बाद जब बद्री मंडल एक बजे दिन में खेत पहुंचा तो मीना खेत पर मृत पाई गई उसके कपड़े अस्त व्यस्त थें और उसकी गला रेत कर हत्या कर दी गई थी। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने घटना स्थल से मृतक के शव को कब्जे में ले लिया। वहीं बद्री मंडल ने शंभू मंडल को पुत्री मीना की हत्या मामले में आरोपी बनाते हुए थाना में आवेदन दिया। दिए गए आवेदन के आधार पर थाना पुलिस ने शंभू मंडल के विरुद्ध दुष्कर्म के बाद हत्या की प्राथमिकी संख्या 100/12 ,धारा 376 ,302 में दर्ज करने के बाद शंभू मंडल को गिरफ्तार करते हुए हत्या में प्रयुक्त खून लगा हसुआ बरामद कर लिया मामले में एसटी नंबर 10/13 में ट्रायल झंझारपुर व्यवहार न्यायालय में चला । जहां एडीजे 3 के न्यायाधीश घनश्याम सिंह के न्यायालय में मधुबनी के वरिय अपर लोक अभियोजक मिथिलेश झा ने सरकार के तरफ से पक्ष रखा। न्यायाधीश ने बहस पूरी होने के बाद आरोपी 35 वर्षीय संभू मंडल को मामले में दोषी करार दिया है। जिसके सजा की बिंदु पर आगामी 19 जुलाई को सुनवाई होनी है।
मामले में पैरवी को लेकर मधुबनी के जिला मजिस्ट्रेट अरविंद कुमार वर्मा ने मधुबनी के वरिय अपर लोक अभियोजक मिथिलेश झा को सरकार के तरफ से पक्ष रखने के लिए अधिकृत किया था।




