रिपोर्ट : राजीव रंजन।
मधेपुरा के बी.एन.मंडल विश्वविद्यालय में सामने आया है एक और रिजल्ट घोटाला, परीक्षा नियंत्रक ने कहा रिजल्ट पर नहीं है मेरा हस्ताक्षर
बदहाल शिक्षा व्यवस्था को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहने वाले मधेपुरा के बी.एन.मंडल यूनिवर्सिटी का एक अजीबोगरीब कारनामा सामने आया है। दरसल मंडल विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित पीएचडी कोर्स वर्क परीक्षा परिणाम को विश्वविद्यालय के UMIS पोर्टल पर अपलोड तो कर दिया गया है लेकिन प्रकाशित रिजल्ट पर विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक का फर्जी हस्ताक्षर होने की बात सामने आई है। इस बात का खुलासा तब हुआ जब इस परीक्षा में शामिल 370 छात्रों में से 97 छात्र छात्राओं को अनुतीर्ण घोषित किया गया। जिसके बाद कई छात्र संगठनों के नेताओं ने इस रिजल्ट पर सवाल खड़े कर दिये। दरसल छात्र नेताओं का कहना है कि बीएनएमयू में पीएचडी रैकेट एक्टिव है जो छात्रों का शोषण कर रहा है। पीएचडी कोर्स वर्क के परिणाम में बड़े पैमाने पर अनियमितता और धांधली हुई है । 370 छात्र – छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए थे जिसमे 98 छात्रों को फेल कर दिया गया है। जबकि बीएनएमयू में कार्यरत कई अधिकारियों के पत्नी और बच्चे उत्तीर्ण कर गये हैं। छात्र नेताओं का कहना है कि बीएनएमयू के स्थापना काल से अभी तक कभी इतने बड़ी संख्या में कोर्स वर्क में छात्र फेल नहीं हुए हैं तो निश्चित रूप से इसबार के रिजल्ट में धाँधली बरती गयी है। विश्वविद्यालय परिषर में ही छात्र नेताओं ने रिजल्ट की प्रतिलिपि को जलाकर विरोध प्रदर्शन किया और विश्वविद्यालय कुलपति एवं कुलसचिव पर कई गंभीर आरोप लगाये। वही इस मामले पर पूछे जाने पर बी.एन.मंडल यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक प्रो. शशिभूषण ने रिजल्ट प्रकाशन को लेकर अनभिज्ञता जाहिर किया है। परीक्षा नियंत्रक का कहना है कि कुछ निजी कारण से मैं कोर्स वर्क परीक्षा से दूर रहा हूँ। रिजल्ट पर उनके हस्ताक्षर की बात पर उन्होंने कहा कि वो फेसीमाईज साईन है, मुझे इसकी जानकारी बाद में मिली। हालांकि परीक्षा नियंत्रक के इस बयान के बाद से पीएचडी कोर्स वर्क परीक्षा परिणामों पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।
बाईट : निशांत यादव, छात्र नेता, NSUI
बाईट : मासूम अली, छात्र नेता, AISA
बाईट : प्रो. शशिभूषण, परीक्षा नियंत्रक, बी.एन.मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा




