रिपोर्टर — राजीव कुमार झा
मां जानकी नवमी महोत्सव के अवसर पर मधुबनी नगर मुख्यालय स्थित अतिथि होटल के सभागार में मां जानकी नवमी महोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर दीप प्रज्वलन अध्यापक जेपी सिंह, जानकी सेना के मुख्य संरक्षक मृत्युंजय झा, विश्वनाथ कारक, संजय पांडे, विश्वजीत कुमार, जितेंद्र झा,महेश प्रसाद ने संयुक्त रूप से कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मुख्य संरक्षक मृत्युंजय झा ने कहा कि मां जानकी नवमी प्रत्येक वर्ष मां जानकी सेना भव्य महोत्सव के रूप में आयोजन करती रही है। जिस में कय तरह के आयोजन होता रहा है। लेकिन इस वर्ष लोकसभा चुनाव को लेकर आचार संहिता लागे होने के कारण लघु स्वरूप में कार्यक्रम आयोजित किया गया। आगे उन्होंने कहा मां जानकी के कारण ही प्रभु श्री राम भगवान हुए, माता जानकी की तपस्या और उनके जीवन चरित्र को अपनाने से ना केवल मिथिला बल्कि देश और दुनिया शिक्षित और सुसंस्कृत होगी। इसी भावना से जानकी सेना सदा निरंतर मां जानकी नवमी कार्यक्रम का आयोजन करती आ रही है। आने वाले समय में देश और दुनिया में रामनवमी की तरह ही जानकी नवमी का आयोजन हो यह एक हमारा प्रयास है। मां जानकी के संदर्भ में आने वाले समय में राम कथा की तरह जानकी कथा का भी प्रवचन हो इस अभियान को दिशा दिया जाएगा। जानकी सेना मिथिलांचल सहित संपूर्ण देश और दुनिया के लोगों को आहवान किया कि आज के दिन यानी जानकी नवमी के दिन हर घर में 11 दिया जलाएं और जानकी नवमी मनाए। मां जानकी का प्राकाट्य दिवस है इसलिए प्राकट्य दिवस के अवसर पर दीपावली की तरह जानकी नवमी मनाएं। इस अवसर पर प्राध्यापक जेपी सिंह ने कहा कि जानकी सेना का यह प्रयास अद्वितीय है आने वाले समय में जानकी सेना का यह प्रयास मिथिला के उन्नति का एक बड़ा माध्यम बनेगा। उन्होंने सामाजिक विद्वेष से दूर हटकर सामाजिक एकता पर बल दिया। वहीं जानकी सेना के मुख्य संरक्षक मृत्युंजय झा एवं अमरेश श्रीवास्तव के नेतृत्व में दिपोत्सव मनाया गया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से सतीश झा, शिवकुमार महतो, गौरव मिश्र, दीपा झा,सुभद्रा झा, अजय यश, पवन शाह,चंदेश्वरी देवी,समतोला देवी,प्रियंका झा अनुपम राज, मुकुंद कुमार शाह, किशन शाह उपस्थिति थे। कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर अमरेश श्रीवास्तव ने किया। तो वही कार्यक्रम में भगवान झा एवं सुभद्रा झा ने अपने गाए गीतों पर लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया।




