कैमूर/भभुआ(ब्रजेश दुबे):
कैमूर। सरदार वल्लभभाई पटेल कॉलेज भभुआ में नेहरू युवा केंद्र एवं महाविद्यालय की एनएसएस इकाई के संयुक्त तत्वावधान में भारत सरकार के युवा मंथन मिशन India @2047 कार्यक्रम की श्रृंखला में एनएसएस स्वयंसेवकों द्वारा संसदीय कार्यवाही के मॉडल पर आधारित छात्र एवं छात्राओं में नेतृत्व की कुशलता विकसित करने हेतु ज्ञानवर्धक युवा संसद कार्यक्रम India @ 2047 का मंचन किया गया| कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्वलन के साथ मुख्य अतिथि बिहार विधान परिषद के सदस्य माननीय जीवन कुमार, एसवीपी कॉलेज के प्राचार्य डॉ एस पी शर्मा, भाजपा जिला अध्यक्ष मनोज जायसवाल, जिला युवा पदाधिकारी सुशील करौलिया एवं एसवीपी कॉलेज की एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ अन्नपूर्णा गुप्ता द्वारा किया गया|
कार्यक्रम की शुरुआत में अपने उद्बोधन में विधान परिषद सदस्य द्वारा युवाओं को संबोधित करते हुए उन्हें शिक्षा के महत्व एवं नागरिकों के दायित्वों का निर्वहन करने जैसी महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला गया| वहीं महाविद्यालय की एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी द्वारा महिला सशक्तिकरण से समाज की सशक्तिकरण की ओर जैसे महत्वपूर्ण बिंदु पर प्रकाश डाला गया| महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ एसपी शर्मा द्वारा भी युवाओं को शिक्षा के साथ-साथ अन्य सभी गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया| प्राचार्य ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ आपके व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास भी उतनी ही जरूरी है जितनी की शिक्षा|
वहीं युवा सांसद कार्यक्रम में एनएसएस के स्वयंसेवकों द्वारा बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए|
इस कार्यक्रम को पूर्ण रूप से मौलिक बनाते हुए संसद की कार्यवाही को प्रस्तुत किया गया| जिसके लिए पक्ष, विपक्ष एवं सभापति की पूर्ण रूप से जीवंत प्रस्तुति की गई थी| संसद के सभापति के रूप में महाविद्यालय के शोधार्थी राज अमन जबकी प्रधानमंत्री की भूमिका तौसीफ आलम वहीं उनके मंत्रिमंडल के अन्य सदस्यों के रूप में शिबा खातून, भूमिका पांडे, अंजली कुमारी, सत्यम चौबे, मौसम तो वहीं विपक्षी सांसद के रूप में राजनंदिनी, सत्यम, ब्यूटी, रचना, अर्चना तथा निर्दलीय सांसद के रूप में अजीत जैसे स्वयंसेवकों ने कार्यक्रम को पूर्ण रूप से जीवंत बना दिया| इस संसद की कार्यवाही में महत्वपूर्ण मुद्दों पर इन सांसदों द्वारा वाद -विवाद किया गया|
वही इस कार्यक्रम में सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान एसवीपी कॉलेज के सैकड़ो छात्र-छात्राओं के अलावा अन्य शिक्षकों की भी उपस्थिति रही जिनमें डॉ अखिलेंद्र नाथ तिवारी, डॉ सोनल, डॉ संगीता, डॉ वंशीधर उपाध्याय एवं अन्य कई शिक्षक गणों के साथ-साथ अन्य शिक्षकेतर कर्मी भी उपस्थित रहें।




