रिपोर्टर — राजीव कुमार झा
मधुबनी जिले के बिहार राज्य ग्रामीण विद्युत फ्रेंचाइजी कामगार संघ के द्वारा समाहरणालय के समक्ष मंगलवार को जिला अध्यक्ष केशव कुमार की अध्यक्षता में एक दिवसीय धरना दिया गया। धारणा को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष ने कहा कि 2013 में विद्युत विभाग के बिलिंग और राजस्व संग्रहण की लचर व्यवस्था को देखते हुए बिहार सरकार के द्वारा और रेवेन्यू फ्रेंचाइजी योजना बनाकर संपूर्ण बिहार में लागू की गई। जिसके अंतर्गत राज्य के सभी पंचायतों में एक-एक फ्रेंचाइजी को बिलिंग एवं राजस्व के लिए अधिकृत किया गया। जिसका आधार एकरारनामा को बनाया गया। आगे उन्होंने कहां सभी कर्मी विद्युत विभाग के लिए वर्ष 2013 से अब तक घर-घर जाकर बिलिंग और राजस्व संग्रहण का कार्य करते आ रहे हैं। हमारे कुछ साथी 2017 में विभाग के द्वारा लिए गए निर्णय जिसमें बिहार के बाहर की कंपनियों के द्वारा बिलिंग और राजस्व संग्रहण करने के निर्णय के कारण एमआरसी में बदलकर अब तक घर-घर जाकर बिलिंग व राजस्व संग्रहण का कार्य करते हैं और अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। लेकिन हम सभी कर्मियों के भविष्य के निर्धारण के बिना ही अचानक बिहार सरकार के द्वारा स्मार्ट प्रीपेड मीटर की योजना लाने से हमारे समक्ष बेरोजगारी और भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी। हमारा परिवार सड़क पर आने को विवश हो जाएगा। इस संबंध में संघ के राज्य कमेटी के द्वारा कई बार मुख्यमंत्री उपमुख्यमंत्री ऊर्जा मंत्री को पत्राचार किया गया। लेकिन सरकार के तरफ से कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई। हम लोग वर्ष 2013 से धूप बरसात की परवाह किए बिना दिन रात मेहनत करके विद्युत विभाग को एक नया आयाम दिया है। आज भी विभाग उत्तरोत्तर प्रगति पद पर है। हर विभाग के कर्मी के वेतन में हर वर्ष कुछ ना कुछ वृद्धि होती है। लेकिन यह सभी कर्मी दिनानुदिन कम होते जा रहा हैं। वहीं उन्होंने कहां इन कर्मियों के भविष्य के निर्धारण क्या है। स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाया जा रहा है। स्मार्ट मीटर से हमारा विरोध नहीं लेकिन इस तरह हमारे भविष्य से खिलवाड़ करना सरकार बंद करें। विद्युत विभाग में कार्यरत सभी आरआरएफ
और एमआरसी
का विभाग में समायोजन करते हुए उनका न्यूनतम मानदेय
25 हजार तय किया जाए।
इस मौके पर मौजूद मोहम्मद रुस्तम, अरुण कुमार, दीपक कुमार मंडल, देवेंद्र कुमार पासवान, सिंटू कुमार यादव, संतोष कुमार मंडल, अजीत राम, मोहम्मद सोहराब, शंकर यादव, सुरेश कुमार, आर्यन कुमार पासवान, अजय कुमार समेत सैकड़ो की तादाद में कर्मी मौजूद थे।




